आयोग भर्ती की परीक्षाओं से संबंधित कार्रवाई के लिए परीक्षा एजेंसी के चयन का काम इस महीने के अंत तक पूरा करने का प्रयास कर रहा है। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि तकनीकी बिड खुल चुकी है। वित्तीय बिड की कार्रवाई पूरी कर एजेंसी से अनुबंध इस महीने के अंत तक कर लेने की योजना है।
आयोग एजेंसी से दो महीने में परीक्षा सम्पन्न कराने का अनुबंध कर सकता है। ऐसा हुआ तो अगस्त में लिखित परीक्षा हो जाएगी। हालांकि, लिखित परीक्षा काफी कुछ कोविड महामारी के संभावित तीसरी लहर पर निर्भर करेगी। महामारी की वजह से पिछले एक वर्ष से कोई भी लिखित परीक्षा नहीं कराई जा सकी है। कोविड की स्थिति में तेजी से सुधार को देखते हुए आयोग जितना जल्दी हो सके लिखित परीक्षा करा लेना चाहता है।
सब कुछ उम्मीद के हिसाब से रहा तो द्विस्तरीय परीक्षा प्रणाली से अभ्यर्थियों को विधानसभा चुनाव से पूर्व दिसंबर तक नौकरी मिल सकती है। लिखित परीक्षा अगस्त तक हो गई तो अक्तूबर तक मुख्य परीक्षा कराई जा सकती है। बताया जा रहा है कि पीईटी की लिखित परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप होने से रिजल्ट देने में बहुत अधिक समय नहीं लगेगा।
दो महीने में रिजल्ट देकर मुख्य परीक्षा आयोजित की जा सकती है। मुख्य परीक्षा भी ऑब्जेक्टिव ही होने की संभावना है। मुख्य परीक्षा में सीमित संख्या में अभ्यर्थियों के होने से अक्तूबर अंत तक मुख्य परीक्षा कराकर दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया जा सकता है। इंटरव्यू न होने से नियुक्ति की कार्यवाही में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
आयोग समान अर्हता वाले पदों के लिए एक साथ विज्ञापन निकालकर मुख्य परीक्षा कराएगा। अनुमान के मुताबिक पहला विज्ञापन 22-30 हजार रिक्तियों का हो सकता है। मुख्य परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही आवेदन कर पाएंगे जिन्होंने पीईटी में भाग लेकर अंक अर्जित किया है।