बता दें कि तेजी से फैलते संक्रमण ने सीएम कार्यालय को भी चपेट में ले लिया। मंगलवार को मुख्यमंत्री के करीबी अफसरों अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल, विशेष सचिव अमित कुमार सिंह, ओएसडी अभिषेक कौशिक के अलावा एक निजी सचिव व एक निजी सहायक में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद को आइसोलेट कर लिया था।
संक्रमण के मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच जाने से शासन में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री के साथ रहने वाले तीन अफसरों के साथ निजी सचिव जयशंकर व निजी सहायक प्रताप के संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर उनके सरकारी आवास तक सतर्कता बरती जा रही है। शासन व सरकार में बेहद अहम जिम्मेदारी निभाने वाले कई अन्य अफसर भी कोरोना पॉजिटिव हुए हैं।
दरअसल, प्रदेश में हर दिन करीब एक फीसदी की दर से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। संक्रमण की दर 8.23 फीसदी पहुंच गई। प्रदेश में मंगलवार को 18021 कोरोना मरीज मिले हैं, जबकि 85 की मौत हुई। 3474 को डिस्चार्ज भी किया गया है। इस तरह प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 95980 पहुंच गई है।
प्रदेश में एक सप्ताह से लगातार संक्रमण की दर में इजाफा हो रहा है। आठ अप्रैल को यह 4.14 फीसदी थी, जो अब 8.23 पहुंच गई। बीते 24 घंटे में 2,18,965 सैंपल लिए गए। इस तरह शुरुआत से लेकर अब तक 3,71,73,548 लोगों की कोरोना जांच की गई है। इसमें 7,23,582 लोग पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 6,18,293 डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 9309 की मौत हुई है।
लखनऊ में मिले सर्वाधिक मरीज
बीते 24 घंटे में लखनऊ में सर्वाधिक 5382 मरीज मिले हैं। इसी तरह प्रयागराज में 1856, कानपुर नगर में 1271, वाराणसी में 1404, गाजियाबाद में 199, गौतमबुद्ध नगर में 229, मेरठ में 321, गोरखपुर में 602 और बरेली में 271। मुरादाबाद में 155, झांसी में 303, आगरा में 234, सहारनपुर में 135, मुजफ्फरनगर में 150, बलिया में 271, अयोध्या में 139, बाराबंकी में 132, लखीमपुर खीरी में 112, जौनपुर में 156, देवरिया में 119, रायबरेली में 274, आजमगढ़ में 204, हरदोई में 146, इटावा में 138, गाजीपुर में 289, प्रतापगढ़ में 144, सोनभद्र में 183 और सुल्तानपुर में 198 मरीज मिले हैं। अन्य जिलों में सौ से कम मरीज मिले हैं।