पीडब्ल्यूडी ने राज्य सरकार से इस वित्तीय वर्ष में तीन हजार करोड़ रुपये और मांगे हैं।
मुख्य बजट में मिली 11400 करोड़ रुपये की राशि को अपर्याप्त बताते हुए यह प्रस्ताव अनुपूरक बजट में शामिल करने का अनुरोध किया गया है।
इस रकम से राज्य राजमार्गों को फोरलेन करने और बड़ी जिलास्तरीय सड़कों (एमडीआर) को सुधारने की योजना है।
प्रदेश में तमाम सड़कों का हाल खराब है। बजट के अभाव में ‘ग्राम संपर्क मार्ग अनुरक्षण नीति-2013’ दम तोड़ गई है। प्राथमिकता पर रखे गए स्टेट हाईवे व एमडीआर के रखरखाव के लिए भी बजट कम पड़ रहा है।
ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए कई राज्य राजमार्गों की चौड़ाई 28-30 मीटर किए जाने की जरूरत है। प्रदेश के हर जिले में बड़ी जिलास्तरीय सड़कों में गड्ढों की भरमार हो गई है। आए दिन ये सड़कें हादसों का सबब बन रही हैं।
इन्हीं सब जरूरतों को बताते हुए विभाग ने अनुपूरक बजट से तीन हजार करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है।
पीडब्ल्यूडी के अफसरों का कहना है कि छोटी-बड़ी सभी सड़कें दुरुस्त करने के लिए उन्हें कम से कम 29 हजार करोड़ रुपये की जरूरत है।
इसलिए उन्हें उम्मीद है कि अनुपूरक बजट में उनकी मांग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।