लखनऊ। निजी अस्पतालों में कुशल विशेषज्ञ व मैनपावर न होने पर उसका संचालन रुकेगा। शासन के निर्देश पर अपर निदेशक के जरिये तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो निजी अस्पतालों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी। मानक पूरे न होने पर अस्पताल पर नकेल कसी जाएगी। अफसरों का कहना है कि इसका सख्ती से अनुपालन होगा। मानकविहीन अस्पताल बंद कराए जाएंगे।
राजधानी में करीब एक हजार से अधिक निजी अस्पताल-क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं। इनमें कागजों पर एमबीबीएस डॉक्टर का रिकाॅर्ड है, जबकि मरीजों का इलाज दूसरी विधा के डॉक्टर कर रहे हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज में लापरवाही पर शासन सख्त हुआ है। अपर निदेशक लखनऊ मंडल को निजी अस्पतालों में मानक पूरे न होने पर उनके संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। अपर निदेशक के जरिये सीएमओ ऑफिस के तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को इस जांच के लिए नामित किया गया है।
अपर निदेशक लखनऊ मंडल डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पतालों की निगरानी सख्त की जाएगी। इसके लिए कमेटी बनी है। जो हर माह अस्पतालों का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट देगी।