राज्य सरकार भले ही मान्यता प्राप्त 246 संस्कृत कॉलेजों को अनुदान सूची पर लेना चाहती हो, मगर मानक पर सिर्फ 77 कॉलेज ही खरे उतर रहे हैं। इसलिए पहले चरण में इन कॉलेजों को ही अनुदान सूची पर लेने के लिए मंगलवार को कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव रखे जाने की तैयारी है।
कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही इनको अनुदान सूची पर लेने संबंधी आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद इन कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों को सरकारी कॉलेजों के बराबर वेतनमान मिलने लगेगा।
सूबे में मान्यता प्राप्त संस्कृत कॉलेजों को अनुदान की कवायद वर्ष 2007 से लेने की चल रही है। तत्कालीन मुलायम सरकार ने संस्कृत कॉलेजों को अनुदान पर लेने का निर्णय किया था, लेकिन सत्ता बदलने के बाद माया सरकार ने अनुदान के लिए शर्तों में बदलाव कर दिया।
इससे निजी क्षेत्र के मान्यता प्राप्त कॉलेजों को अनुदान पर नहीं लिया जा सका। प्रदेश में अखिलेश सरकार के सत्ता में आते ही एक बार फिर निजी संस्कृत कॉलेजों को अनुदान सूची पर लेने की कवायद शुरू हुई।