मोहनलालगंज तहसील के सम्पूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। बाबूखेड़ा मजरा रघुनाथखेड़ा निवासी किसान काशी प्रसाद ने जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शाकर उनकी कृषि भूमि अन्य लोगों के नाम दर्ज कर दी गई है।
शिकायतकर्ता काशी प्रसाद ने अधिकारियों से कहा कि वह जीवित हैं और स्वयं उपस्थित होकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, जबकि राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दिखा दिया गया है। उनका आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही अथवा मिलीभगत से यह कथित फर्जीवाड़ा किया गया है।
काशी प्रसाद के अनुसार जब उन्होंने अपनी खतौनी निकलवाई तो उन्हें पता चला कि उनकी कृषि भूमि पर अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। किसान ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उनकी भूमि से दर्ज किए गए कथित फर्जी नामों को निरस्त कर उन्हें पुनः वैध काश्तकार के रूप में दर्ज किया जाए। साथ ही पूरे प्रकरण में शामिल अधिकारियों एवं लाभार्थियों की भूमिका की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी ने नाराजगी जताई और तहसीलदार को तत्काल जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।