राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के होली बाद लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर भगवा टोली के सभी संगठनों की निगाहें टिकी हुई हैं। साथ ही सियासी सरगर्मी भी बढ़ गई है। भागवत का 28 व 29 मार्च को लखनऊ में रुकने का कार्यक्रम है।
वैसे तो यह कार्यक्रम तीन लोकार्पण कार्यक्रमों और संघ परिवार के सेवा कार्यों से जुड़े संगठनों की बैठक तक ही सीमित है, पर जिन परिस्थितियों के बीच भागवत का लखनऊ दौरा हो रहा है, उन्हें देखते हुए सियासी हलकों में कोई भी इसके सिर्फ औपचारिक दौरा भर रह जाने की बात को हजम नहीं कर पा रहा है।
इनका तर्क है कि संघ का पहले अपने सहसरकार्यवाह स्तर के व्यक्ति को लखनऊ में बैठाने का फैसला और उसके बाद भागवत का आगमन सिर्फ औपचारिक दौरों तक सीमित नहीं रहने वाला है।