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बच्चों के बाद अब वैज्ञानिकों की क्लास लेंगे 'मोदी सर'

Sat, 13 Sep 2014 02:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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शिक्षक दिवस पर बच्चों की क्लास लेने के बाद अब ‘मोदी सर’ ने देश के टॉप वैज्ञानिकों से सीधी बात करने का फैसला किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की टॉप वैज्ञानिक संस्थाओं के निदेशकों को इसके लिए दिल्ली बुलाया है।
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काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के स्थापना दिवस पर इन प्रमुख वैज्ञानिकों से विज्ञान के देशहित में व्यापक उपयोग पर बात होगी।

‘मोदी सर’ की क्लास में लखनऊ स्थित सीएसआईआर की लैब सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट्स (सीमैप), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर), नेशनल बॉटनिकल रिसर्च ऑफ इंडिया (एनबीआरआई) और सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) के निदेशक शामिल होंगे।

विकास के नए 'रोडमैप' पर होगी चर्चा

पीएम मोदी की वैज्ञानिकों से सीधी बात की इच्छा को देखते हुए सीएसआईआर स्थापना दिवस का कार्यक्रम सात अक्तूबर को होगा। इसमें वैज्ञानिकों को गौरवपूर्ण पुरस्कार शांति स्वरूप भटनागर अवॉर्ड भी दिया जाएगा।

आईआईटीआर के एक वैज्ञानिक अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में बुलाए जाने के लिए पत्र सीएसआईआर से मिल चुका है। इसके मुताबिक प्रधानमंत्री विज्ञान के व्यापक उपयोग को देश के विकास में करने के लिए रोडमैप बनाए जाने और इस पर काम करने के विषय पर बात करेंगे।

यह कार्यक्रम दो दिन तक चलेगा। इसमें एक दिन सभी संस्थाओं के निदेशकों के साथ प्रधानमंत्री बैठक करेंगे। यह लंबे समय के बाद होगा कि कोई कोई पीएम वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रमुखों से मिल रहा है।

7-8 अक्तूबर को होगा कार्यक्रम

सीमैप के निदेशक डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पहले यह कार्यक्रम 26-27 सितंबर को होना तय हुआ था। इस दिन सीएसआईआर की स्थापना की गई थी।

किसी वजह से अब इस कार्यक्रम को बदला गया है। शुक्रवार को सीमैप को सीएसआईआर का एक पत्र मिला है। सात एवं आठ अक्तूबर को कार्यक्रम होगा।

सात को शांति स्वरूप भटनागर अवॉर्ड कार्यक्रम होगा। उसके बाद अगले दिन वैज्ञानिक संस्थाओं के निदेशकों के साथ उनकी बैठक को प्लान किया गया है। इसी बैठक में वैज्ञानिकों से वह अपनी बात कहने के साथ उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुनेंगे।

गौरतलब है कि, बाल दिवस के मौके पर मोदी ने देश के बच्चों से सीधा संवाद कर एक अनोखा संदेश दिया था। बच्चे तो बच्चे, मां-पिता भी मोदी की बातों से प्रभावित हो गए थे। देखना ये है कि वैज्ञानिकों पर मोदी क्या असर छोड़ पाते हैं।
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वैज्ञानिकों में भी खुशी की लहर

डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि पीएम के साथ सीएसआईआर लैब के निदेशकों की बैठक के दूरगामी फायदे होंगे। इससे जहां वैज्ञानिक संस्थाओं के संचालन को सुचारु करने पर बात होगी। वहीं, विज्ञान के समाज और देशहित में उपयोग के नए रास्ते खुलेंगे। पीएम से सीधी बात करने का मौका भी हमारे पास होगा।

लखनऊ से यह होंगे शामिल
डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, सीमैप, डॉ. एसके पुरी, निदेशक, सीडीआरआई, डॉ. सीएस नौटियाल, निदेशक, एनबीआरआई (कार्यवाहक निदेशक के रूप में आईआईटीआर का प्रतिनिधित्व भी करेंगे।)।

इसी तरह, देशभर के तमाम बड़े शहरों व वैज्ञानिक शोध संस्‍थानों से वैज्ञानिक मोदी से मिलने पहुंचेंगे। ऐसा पिछले कई सालों में पहली बार हो रहा है जब अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे वैज्ञानिक एक साथ प्रधानमंत्री से सीधा संवाद कर रहे होंगे।
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