प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो के सहारे चुनावी नैया पार कराने का प्रयास कर रहे भाजपा समर्थित प्रत्याशियों पर भारी पड़ेगा।
अपने प्रचार में नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं की तस्वीर का इस्तेमाल करने वाले छावनी परिषद प्रत्याशियों के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कराएगी।
आचार संहिता के तहत लखनऊ में भाजपा समर्थित प्रत्याशी प्रचार सामग्री में किसी भी भाजपा नेता की तस्वीर का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
पुलिस के साथ सभी प्रत्याशियों की बैठक में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल गलत तरीके से करने का आरोप लगाया गया।
सीओ कैंट बबीता सिंह ने छावनी परिषद का आम चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों की बैठक कैंट थाने पर बुलायी थी।
प्रत्याशियों ने की थी शिकायत
इसमें वार्ड चार की प्रत्याशियों ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी नन्दिनी यादव पर गलत तरीके से नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं की फोटो का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। इस पर कैंट सीओ ने निर्वाचन अधिकारी छोटेलाल मिश्र से बात की।
निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भाजपा अपने चुनाव चिह्न पर प्रत्याशियों को नहीं लड़ा रही है। इस कारण कोई भी प्रत्याशी भाजपा नेताओं की तस्वीर को प्रचार में इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
सीओ कैंट ने प्रत्याशी नन्दिनी यादव की भाजपा प्रचार वाली फोटो भी खींची। यह भी कहा कि अब यदि कोई प्रत्याशी भाजपा नेताओं की तस्वीर वाली प्रचार सामग्री का इस्तेमाल करते पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कई वार्डों में चुनाव से पहले सेना तैनात करने की मांग की गयी। वार्ड दो में महेंद्र अग्रवाल सहित कई प्रत्याशियों ने क्यूआरटी की तैनाती की मांग की।
शराब बांटने वालों पर होगी कार्रवाई
छावनी परिषद चुनाव के सभी 52 पोलिंग बूथों और उसके आसपास के परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी । पुलिस को हर संवेदनशील क्षेत्र में गश्त के निर्देश दिये गए हैं।
जिन क्षेत्रों में प्रत्याशी के शराब बांटने की शिकायत मिल रही है, वहां विशेष कार्रवाई होगी। आम चुनाव के लिए छावनी परिषद के आठ वार्डों के 52 मतदान केंद्रों को चार जोन और दस सेक्टरों में बांटा जाएगा।
हर जोन में एसडीएम को प्रभारी बनाया जाएगा। सोमवार को जोन आवंटन का काम पूरा कर दिया गया। वहीं एक जनवरी को 60 ईवीएम छावनी परिषद प्रशासन को सौंप दी जाएगी।
इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीनों को कड़ी सुरक्षा में छावनी परिषद के स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। इस बार चुनाव में हिस्सा लेने वाले पोलिंग एजेंटों का सत्यापन होगा।
एक जनवरी की दोपहर तीन बजे तक सभी प्रत्याशियों को अपने पोलिंग एजेंट और मतगणना वाले एजेंटों का ब्यौरा देना होगा। मजिस्ट्रेट से इन एजेंट को तय धनराशि देकर पाबंद कराया जाएगा। पुलिस सत्यापन में आपराधिक रिकार्ड वाले व्यक्तिओं को एजेंट नहीं बनाया जा सकेगा।