भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की विजय शंखनाद महारैली दो मार्च को लखनऊ में होगी।
रैली रमाबाई अंबेडकर मैदान के बजाय स्मृति उपवन में करने की तैयारी है। वहीं, 13 जनवरी को बरेली में मोदी की प्रस्तावित रैली स्थगित कर दी गई है जबकि गोरखपुर में 23 जनवरी को रैली होगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि राजधानी की विजय शंखनाद रैली में एक बूथ-एक बोलेरो का नारा दिया गया है।
प्रदेश में 1.32 लाख बूथ हैं। हर बूथ से कम से कम दस लोगों को रैली में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
रैली के लिए प्रदेश प्रभारी अमित शाह के साथ उन्होंने मंगलवार को रमाबाई अंबेडकर मैदान और स्मृति उपवन का दौरा किया था।
पार्टी नेताओं ने रमाबाई अंबेडकर मैदान को प्रदेशस्तरीय रैली के लिहाज से छोटा माना है। डॉ. वाजपेयी ने पत्रकारों से कहा कि विजय शंखनाद महारैली की जगह एक-दो दिन में तय हो जाएगी।
हालांकि डॉ. वाजपेयी की अगुवाई में भाजपा नेताओं ने 27 फरवरी से तीन मार्च तक के लिए स्मृति उपवन बुक कराने को एलडीए के सचिव अष्टभुजा तिवारी को आवेदन दे दिया।
माना जा रहा है कि रैली स्मृति उपवन में ही होगी। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि रमाबाई अंबेडकर मैदान में 4.80 लाख लोग आ सकते हैं जबकि स्मृति उपवन में दस लाख।
उन्होंने बताया कि बरेली में 13 जनवरी को होने वाली रैली की तारीख अब आगे बढ़ाई जाएगी। उस दिन धार्मिक आयोजन होने के कारण यह फैसला किया गया है। रैली की नई तिथि की घोषणा बाद में होगी।