सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि वाराणसी में मोदी के नामांकन के दौरान आचार संहिता की धज्जियां उड़ी हैं।
आरएसएस, बजरंग दल और बाहर से आए लोगों ने ऐसा दहशत का माहौल बनाया कि पर्यटक अपनी जान बचाकर भागते नजर आए।
स्थानीय लोगों को ‘कारसेवकों’ की इस भीड़ से अनहोनी की आशंका होने लगी है। मोदी का जुलूस लोकतंत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार कर देने वाला साबित हुआ है।
यह दुखद है कि आचार संहिता की दुहाई देकर मुलायम सिंह यादव और मो. आजम खां को नोटिस देने वाला निर्वाचन आयोग भाजपा के मामलों की अनदेखी कर रहा है।
आजम खां ने तो जवाब भी भेज दिया था, लेकिन उसको पढ़ने से पहले ही उन्हें चुनाव प्रचार में भाग न लेने की सजा सुना दी गई।
निर्वाचन आयोग का रुख सपा के ही प्रति कड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरे दलों के नेताओं के बयानों पर गौर नहीं कर रहा है।