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जेएनयू की एक छात्रा ने लगाया मोदी सरकार पर यह आरोप

Fri, 20 May 2016 02:15 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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फाइल फोटो - फोटो : Getty
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जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार छात्रों व नौजवानों से डर गई है। कॉरपोरेट लूट व सांप्रदायिक विभाजन की हिमायती भाजपा के रास्ते में छात्र ही सबसे बड़ा अवरोध हैं। 
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बृहस्पतिवार को अमीनाबाद स्थित गंगाप्रसाद मेमोरियल सभागार में  आयोजित इंकलाबी नौजवान सभा (इंनौस) के 5वें राज्य सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शेहला ने कहा कि एफटीआईआई हैदराबाद विवि व जेएनयू के बाद अब नेशनल लॉ विवि असम में भी अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है।

सरकार को छात्रों-नौजवानों से डर लग रहा है क्योंकि शिक्षा को डब्ल्यूटीओ में गिरवी रखने, नॉननेट फेलोशिप बंद करने या रोहित वेमुला की हत्या के खिलाफ  छात्रों का प्रतिरोध विपक्ष की तरह रहा है।
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इसके चलते सरकार कैंपसों से उठने वाली हर आवाज का दमन करना चाहती है। भाकपा (माले) के राज्य सचिव का. रामजी राय ने कहा कि अन्ना आंदोलन के बाद से छात्र व नौजवान ही वास्तविक विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं।
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उठो मेरे देश अभियान को चलाने का लिया गया निर्णय

जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद - फोटो : amar ujala
इंनौस के महासचिव ओम प्रसाद, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेश मिश्रा, इंकलाबी नौजवान सभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. सलीम, एपवा की ताहिरा हसन, किसान सभा के ईश्वरी प्रसाद, एक्टू के सुरेंद्र कुमार, खेमस के राजेश साहनी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इसके पूर्व, उठो मेरे देश पत्रिका का विमोचन किया गया।

सांगठनिक सत्र में 20 जिलों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में    विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रोजगार के अधिकार व सामाजिक न्याय को मुख्य मुददा बनाने पर प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही, उठो मेरे देश अभियान को नौ अगस्त तक चलाने का निर्णय लिया गया। 

बातचीत में शेहला राशिद ने कहा कि जेएनयू फांसीवादी ताकतों के निशाने पर ऐसे ही नहीं है। उच्च शिक्षा के निजीकरण की सरकार की योजना केरास्ते में वह सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रहा है। 

यहां महज 250 रुपये की फीस में एक गरीब छात्र भी किसी अमीर के बराबर शिक्षा हासिल कर सकता है। विश्वविद्यालय दोनों को एक साथ पढ़ने का मौका दे रहा है। 

जेएनयू ने हमेशा ही सांप्रदायिक विभाजन व न्यायिक असमानता का विरोध किया है। जबकि, आज भाजपा गोरक्षा, घर वापसी, लव जेहाद आदि के नाम पर सत्ता हासिल करने के लिए झूठे राष्ट्रवाद का खेल रच रही है। 
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