फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोदीजी! आपने जयापुर में जिन्हें 'मारा', वो जिंदा हैं

Tue, 11 Nov 2014 11:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन
पीएम नरेंद्र मोदी को अक्सर उनकी गलतबयानी फंसा देती है। तथ्यों को पेश करने में उन्होंने एक बार फिर गलती की है, वो भी अपने आदर्श ग्राम जयापुर में।
विज्ञापन


पीएम मोदी ने बीते दिनों
जयापुर में आयोजित कार्यक्रम में जिस ट्रेजेडी का हवाला देकर इमोशनल कार्ड खेला था, वह दरअसल सही नहीं था।

जयापुर को अपने आदर्श ग्राम के रूप में अपनाने की वजह बताते हुए मोदी ने गांव के जिन पांच लोगों को बिजली की वजह से हुए एक हादसे में मृत बता दिया था, वे पांचों मरे ही नहीं। जिंदा बच गए थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक, मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि उन्होंने इस गांव के बारे में उस हादसे की वजह से ही जान पाए थे, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन


मोदी ने कहा था, 'बुरे हालात लोगों को करीब लाते हैं और यही वजह है कि मैंने जयापुर को आदर्श ग्राम के रूप में चुना है।' बता दें कि मोदी ने जयापुर को आदर्श सांसद ग्राम योजना के तहत गोद लिया है और बीते दिनों वहां भव्य समारोह भी अयोजित किया गया था।

मोदी ने जिन्हें मारा, वो बोल पड़े...

दिचलस्प बात ये है कि मोदी ने अपने भाषणों में जिन्हें मृत घोषित कर दिया था, वो खोजने पर मिल गए और बोल पड़े। हालांकि, उन्हें मोदी के इस गलत बयान से जरा भी नाराजगी नहीं है।

हादसे का शिकार हुई 20 वर्षीय डिम्पी उन्हीं में से एक है। मोदीभक्त डिम्पी ने कहा, 'शायद मैं इसीलिए बच गई क्योंकि मुझे मोदीजी को काफी नजदीक से देखना था।'

दरअसल, इसी साल अप्रैल महीने में गांव से होकर गुजरने वाली एक हाई टेंशन बिजली लाइन लो टेंशन तार पर गिर गई, जिससे घरों में अचानक 11 हजार वोल्ट का करंट दौड़ने लगा। इसमें डिम्पी के साथ गांव के चार अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए।

हादसे में ‌सबसे ज्यादा झुलसी डिम्पी को कई दिनों तक अस्पताल में रखा गया, जबकि अन्य चार लोगों को फर्स्ट एड से ही राहत मिल गई और उन्हें ‌घर भेज दिया गया। कुछ दिनों बाद डिम्पी भी सही होकर घर पहुंच गई।

यह हादसा मोदी की रोहनिया रैली के कुछ दिनों बाद ही हुआ था। हादसे को गंभीरता से लेते हुए मोदी ने गांव के मुखिया से फोन पर बात की थी और बाद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली खुद जयापुर गए थे। इसके बाद ही बिजली विभाग ने गांव में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम कर दिए थे।

जानिए, क्या बोली गांव की मुखिया

मोदी ने अपने भाषण में कहा था, 'वाराणसी का पहला गांव होने की बात मुझे हादसे की सूचना के बाद मिली, जिसमें पांच लोगों ने जान गवां दी थी। इसके अलावा, इस गांव को चुनने की कोई और वजह नहीं है।'

मोदी ने मीडिया की उन तमाम कयासबाजियों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें मोदी के गांव सेलेक्‍शन पर तरह-तरह की बातें कही-लिखी जा रही थीं।

हालांकि, मोदी के साथ मंच साझा करने वाली गांव की म‌ुखिया दुर्गावती उनके बचाव में उतर आईं। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्रीजी को हादसे के बारे में जरूर गलत जानकारी दी गई होगी, वरना वो ऐसा कतई नहीं कहते। जैसे ही उन्होंने भाषण खत्म किया, हमने उन्हें बता दिया था कि हादसे में कोई मरा नहीं था।' हालांकि, तब तक मोदी मंच छोड़ चुके थे।

मोदी को भले ही इस बात की जानकारी बाद में हुई हो, लेकिन उन्होंने इस पर सफाई न देकर अपने ‌विरोधियों को उनके अल्पज्ञान पर सवाल उठाने का एक और मौका दे‌ दिया।

विज्ञापन

अजय राय ने पेश किए 'जिंदा लोग'

रविवार को मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़कर बुरी तरह हारने वाले कांग्रेस विधायक अजय राय ने एक प्रेस कांफ्रेंस की और हादसे में घायल हुए तीन लोगों को मीडिया के सामने पेश कर दिया।

उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे थे। हालांकि, डिम्पी व उसके परिजनों ने कहा, 'अगर मोदीजी को सही जानकारी दी गई होती तो उनके मुंह से ये बात कभी नहीं निकलती।'

‌इसके अलावा, डिम्पी यह भी कहती हैं कि उन्हें मोदी की किसी ‌बात का बुरा नहीं लगा बल्कि यह उनके लिए गौरव का पल था। डिम्पी कहती है, 'मेरे इस हादसे की वजह से ही सही, पर मोदीजी जयापुर से जुड़ गए हैं। ये बात अलग है कि हादसे की वजह से मेरे बीएससी का एग्जाम छूट गया था।'

मामले को राजनीतिक रंग देने की विपक्षी दलों की कोशिश पर गांव वालों ने कहा, 'जीवनभर में हमने सिर्फ नेताओं को चुनाव के पहले ही अपने गांव में आते-जाते देखा था। यह पहला मौका है जब मोदीजी ने सांसद बनने से पहले जो वादा किया था, वो पूरा किया है।'
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें