आम चुनाव में यूपी में बड़ी जीत हासिल करने के बाद प्रदेश में सत्ता का ख्वाब देख रही भाजपा ने सपा सरकार को घेरने की के लिए खास एजेंडा तैयार किया है।
गौरतलब है कि सुनील बंसल की प्रदेश महामंत्री संगठन के पद पर नियुक्ति के बाद ही भाजपा ने सपा सरकार को घेरने के संकेत दे दिए थे। वहीं बंसल ने भी कहा था कि अब सरकार के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष होगा।
भाजपा का रूख देखकर तो यह स्पष्ट है कि वह अखिलेश सरकार के बख्शने के मूड में नहीं है। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी जानता है कि केंद्र में ज्यादा समय तक सत्ता में बने रहने के लिए यूपी में पार्टी का मजबूत होना ज्यादा जरूरी है।
ऐसे में यह कहा जा सकता है कि विधानमंडल सत्र में जिन मुद्दों को भाजपा उठाएगी वह पार्टी को वर्तमान सत्ता के विकल्प के रूप में ही प्रस्तुत करेंगे।
इन मुद्दों पर हमला करेगी भाजपा
सत्र के पहले दिन कानून-व्यवस्था के प्रश्न पर भाजपाई दोनों सदनों में सरकार पर हमला बोलेंगे। विकास और वादाखिलाफी पर भी सरकार को घेरेंगे।
पार्टी विधानमंडल दल की बैठक में यह तय हुआ कि भाजपा पूरी ताकत से दोनों सदनों में सरकार को घेरे। खास तौर पर महिलाओं से दुराचार और उनकी हत्याओं पर सरकार के रुख की निंदा करे।
सभी ने स्वीकार किया कि इस बार सदन में भाजपा को विशेष भूमिका निभानी होगी। लोकसभा चुनाव में जिस तरह जनता ने भाजपा का समर्थन किया है, उसके चलते पार्टी की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
प्रदेश अध्यक्ष का आदेश घेर लो सरकार को
संख्या में कम होने के बावजूद सदन के भीतर पूरी शक्ति से सरकार के खिलाफ खड़ा होना पडे़गा, जिससे जनहित के सवाल पर चुप्पी साधने का संदेश जनता में न जाए।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर जिस तरह हमले किए जा रहे हैं, हत्याएं हो रही हैं, इसे देखते हुए भाजपा सदस्य पूरे सत्र के दौरान जब मौका मिले, सरकार को कठघरे में खड़ा करने में कोई कसर न छोड़ें।
उन्होंने बिजली और पानी संकट को भी मुद्दा बनाने पर जोर दिया। साथ ही गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मामला भी उठाने को कहा। बैठक को भाजपा विधानमंडल दल के उपनेता सतीश महाना ने भी संबोधित किया।