सिद्धार्थनगर डुमरियागंज के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि लेखपाल एक अल्प वेतनभोगी कर्मचारी है। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन ग्रामीण स्तर पर करता है। अपने मूल विभाग के अलावा अन्य विभाग के कार्य भी समय-समय पर इनके द्वारा किया जाता है। ऐसे में इनकी मांगों पर विचार किया जाना न्यायोचित है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के ओएसडी केपी सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव को लेखपाल संघ से वार्ता कर समस्याओं का समाधान कराने का आग्रह किया है।
लेखपालों की मांगों का समर्थन करने वालों में विधायक संजय प्रताप जायसवाल, रवि शर्मा, हेमलता दिवाकर कुशवाहा, पंकज गुप्ता, अभिजीत सिंह सांगा, गौरी शंकर, हरी राम चेरो, हरि शंकर माहोर, कैलाश नाथ शुक्ला, प्रभु नारायण सिंह यादव, राम गोपाल पप्पू लोधी, राज कुमार चाहर, रानी पक्षालिका सिंह, संगीत सिंह सोम, रामवीर उपाध्याय, जितेंद्र वर्मा, महेश कुमार गोयल, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, उदयभान सिंह, जय देवी, योगेंद्र उपाध्याय आदि शामिल हैं। उन्नाव के सांसद साक्षी महराज व मोहनलालगंज केसांसद कौशल किशोर ने भी पत्र लिखा है।