डबल कनेक्टिविटी रोड व पुनर्निमाण के लिए प्रदेश के विधायकों के 7.5 करोड़ के प्रस्ताव लिए जा सकेंगे। इससे वो अपने क्षेत्र की सड़कें बनवा सकेंगे। यह राशि विधायक निधि से अलग होगी।
पीडब्ल्यूडी विधानसभा क्षेत्रवार अपनी झोली खोलने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत डबल कनेक्टिविटी रोड और पुनर्निर्माण के लिए विधायकों के 7.5 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव लिए जा सकेंगे। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, जिन गांवों के बीच की दूरी एक किमी से ज्यादा है, उनके बीच सड़क (डबल कनेक्टिविटी रोड) बनाने का फैसला किया गया है। इसे पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके तहत भेजे गए जिन सड़कों को कार्ययोजना में मंजूरी दी जाएगी, उन पर काम शुरू होने में 3 से 4 माह लग सकते हैं।
उच्चस्तर पर सहमति बनने पर एक विधायक अपने क्षेत्र में अधिकतम 6 करोड़ की डबल कनेक्टिविटी रोड और 1.5 करोड़ के पुनर्निमाण का प्रस्ताव स्वीकार करवा सकेगा। सत्ताधारी दल के विधायक भी सड़कों के मद में लंबे समय से अधिक राशि की मांग कर रहे थे। इस योजना में दी जाने वाली राशि विधायक निधि से अलग होगी।