सुल्तानपुर में सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा और उनके पांच साथियों पर एक किशोरी ने गैंगरेप का आरोप लगाया है।
किशोरी ने महिला सिपाही व दो अन्य महिलाओं पर अभियुक्तों की मदद का आरोप भी लगाया है।
किशोरी के पिता की अर्जी पर सीजेएम ने बुधवार को विवेचक को केस डायरी के साथ 25 नवंबर को अदालत में तलब किया है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की किशोरी बीते 18 सितंबर को अपने पिता के साथ शहर के एक डॉक्टर के यहां मां का इलाज कराने आई थी।
मां व पिता के क्लीनिक के अंदर जाने के बाद बाहर बैठी किशोरी अचानक गायब हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी किशोरी का पता नहीं लगा।
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बीते 26 सितंबर को सेमरी चौकी इंचार्ज महबूब आलम ने किशोरी के पिता को फोन से सूचना दी कि उसकी पुत्री कोतवाली नगर में मौजूद है।
सूचना पाकर किशोरी का पिता कोतवाली नगर पहुंचा तो पता चला कि किशोरी को एक महिला अपने साथ लेकर चली गई। पिता ने कोतवाली में तहरीर दी लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज किया गया।
बीते पांच अक्तूबर को एसपी को प्रार्थना पत्र देने के बाद अज्ञात महिला के खिलाफ कोतवाली नगर में धोखाधड़ी व वेश्यावृत्ति के लिए नाबालिग लड़की को ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
दूसरे दिन शहर के बस स्टेशन के पास किशोरी के बरामद होने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया था।
नौ अक्तूबर को किशोरी का कलम बंद बयान एसीजेएम प्रथम संध्या श्रीवास्तव ने दर्ज किया था।
मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में किशोरी ने सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा समेत छह लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
पीड़िता ने एक महिला कांस्टेबल पर आरोपियों के सहयोग की बात भी कही है।
इसी मामले में बुधवार को किशोरी के पिता ने सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा, समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।
प्रार्थना पत्र में किशोरी के पिता ने पुलिस पर आरोपियों के दबाव में निष्पक्ष विवेचना नहीं करने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप लगाते हुए मुकदमे की कोर्ट से मॉनिटरिंग करने की भी मांग की।
सीजेएम अजय कुमार त्रिपाठी ने 25 नवंबर को मुकदमे के विवेचक को केस डायरी के साथ कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
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