सरोजनी नगर के कल्ली गांव निवासी प्रताप शर्मा को डाक से आयुष्मान योजना का पत्र भेजा गया। इसमें उनका नाम सही है, लेकिन पत्नी मनोरमा व बच्चों का नाम गलत है। उनके बच्चे को न्यूरोलॉजी संबंधी परेशानी है। इसका इलाज चल रहा है, लेकिन आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि आधार, राशन कार्ड से नाम मैच नहीं कर रहा है। इसे सही कराने के लिए वह दर दर भटक रहे हैं।
खबर छपी तो चेता केजीएमयू प्रशासन
अमर उजाला ने 22 सितंबर के अंक में ‘
कार्ड होने के बावजूद नहीं मिल रहा आयुष्मान का लाभ’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मरीजों की हो रही फजीहत का खुलासा किया था। इसमें बताया गया था कि किस तरह से हरदोई निवासी आयुष्मान कार्ड धारक राजेंद्र को केजीएमयू में इलाज नहीं मिल पा रहा है। खबर छपने के बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया। सुबह तत्काल मरीज को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया और उसकी सर्जरी की गई।
सवाल- आयुष्मान का कार्ड कैसे बनेगा?
जवाब- जिन लोगों को डाक से आयुष्मान पत्र नहीं मिला है वह आशा या एएनएम से संपर्क करें। उसके पास मौजूद सूची में नाम है तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त और जनसुविधा केंद्र में 30 रुपया देकर कार्ड बनवा सकते हैं।
सवाल- जिन लोगों को कार्ड मिले हैं, उसमें गलती है तो कैसे सुधरेगी?
जवाब- अपने मोहल्ले व कस्बे में स्थित जन सुविधा केंद्र पर जाएं। वहां एक फॉर्म मिलेगा, उसे भरें और आधार कार्ड की फोटो स्टेट कापी देकर नाम सुधरवा सकते हैं।
सवाल- जन सुविधा केंद्र संचालक सुधार नहीं रहे हैं। ऐसे में क्या करें?
जवाब- सभी जनसुविधा केंद्रों को निर्देश दिया गया है। कोई आनाकानी करता है तो उसकी सीएमओ कार्यालय में लिखित शिकायत करें। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री जन अरोग्य योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत चयनित परिवार के सदस्यों का पांच लाख रुपये तक का इलाज किया जाता है। लोगों को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के लिए अमर उजाला ने नए अभियान की शुरुआत की है।
इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को उजागर कर उनका निराकरण कराना है। यदि आपकी कोई प्रतिक्रिया या सुझाव हो तो संपर्क करें।
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