काकोरी के दोना गांव में मेड़बंदी करते लोग।
लखनऊ। काकोरी के दोना गांव में सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते किसानों की गेहूं की फसल खतरे में पड़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय से सफाई और मरम्मत न होने के कारण बृहस्पतिवार को पानी छोड़े जाने के बाद दोना माइनर के उफनाने से खेतों में पानी भर गया। इससे 25 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
किसानों ने खुद ही जिम्मा उठाकर नहर का किनारा मिट्टी भरकर बांधा। किसानों ने बताया कि माइनर में जगह-जगह कट बने हुए हैं, जिनकी धान की फसल के समय मरम्मत नहीं कराई गई। अब माइनर में पानी छोड़े जाने पर वही पानी कटों से निकलकर आसपास के खेतों में भर रहा है। इसके अलावा माइनर की सफाई न होने से पानी उफनाकर माइनर के ऊपर से बहने लगा, जिससे खेतों में जलभराव हो गया। दोना गांव में सिंचाई का मुख्य साधन दोना माइनर ही है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग और ठेकेदार की लापरवाही के कारण माइनर की न तो सफाई कराई गई और न ही मरम्मत, जिसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। जलभराव के कारण गेहूं की फसल चौपट होने की आशंका है।किसान सूरज, शुशील,लल्ला, मुन्ना, जगजीवन, अखिलेश, कल्लू समेत अन्य कई किसानों का कहना कि विभागीय अनदेखी के कारण उनकी फसल बर्बादी के कगार पर है। एसडीओ सतीश चंद्र गौरव ने बताया कि माइनर की सफाई कराई गई है और किसानों के आरोप निराधार हैं। संभव है कि नहर में पानी अधिक छोड़े जाने से यह स्थिति बनी हो। पानी कम करा दिया जाएगा और अन्य आरोपों की जांच कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।