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स्टिंग दिखाने वाला चैनल या मंत्री, एक का नपना तय!

Fri, 20 Sep 2013 12:14 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर एक निजी टीवी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन की जांच विधानसभा की सर्वदलीय समिति करेगी।
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जांच में निजी टीवी चैनल द्वारा दिखाए गए फुटेज एवं अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी।

तय हुआ है कि दोषी पाए जाने पर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होगी अन्यथा चैनल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय समिति का गठन करेंगे।

दंगे को लेकर एक खबरिया चैनल द्वारा दिखाए गए स्टिंग ऑपरेशन में सरकार के एक कद्दावर मंत्री का नाम आने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है।

इस स्टिंग को लेकर विपक्ष खास तौर पर भाजपा सरकार के प्रति हमलावर हो गया है। इस स्टिंग की सच्चाई का पता लगाने के लिए विधानसभा में बृहस्पतिवार को नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने सदन की सर्वदलीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया।
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सर्वदलीय समिति यह देखेगी कि चैनल द्वारा दिखाए गए फुटेज में किसी तरह की काट-छांट तो नहीं की गई है। फुटेज संपादित हैं या असंपादित।

इसके साथ ही स्टिंग में किए गए दावे के अनुसार मंत्री की भूमिका की भी जांच की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीडी का परीक्षण जारी
सरकार भी स्टिंग ऑपरेशन का सच जानने में जुटी है। शासन स्तर से आइजी मेरठ को स्टिंग की सीडी का परीक्षण कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

डीजीपी कार्यालय में भी इस सीडी का परीक्षण हो रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के लिए स्टिंग गले की हड्डी बन गया है।

गौरतलब है कि इस मामले की कहानी बयां करने पर एसओ भोपा को समरपाल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
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