वाली समस्याओं में मदद मुहैया कराने के लिए राजधानी में जल्द ही माइग्रेंट रिसोर्स सेंटर खुलेगा। पंचायत चुनाव के बाद इसकी गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। एमआरसी का खाका तैयार कर लिया गया है।
एनआरआई विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशों में रोजी-रोटी के लिए जाने की चाहत रखने वाले कई बार बिचौलिए के चक्कर में फंस जाते हैं।
विदेश पहुंचने पर उन्हें पता चलता है कि वे कबूतरबाजी के शिकार हो चुके हैं। एमआरसी गलत तरीके से होने वाले माइग्रेशन को रोकने और वैध माइग्रेशन को बढ़ावा देने का काम करेगा।
इसकी स्थापना का काम वित्तीय निगम कराएगा। इसके क्षेत्रीय कार्यालयों में एमआरसी के कार्यालय खोले जाएंगे। एमआरसी के खाके को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस केंद्र के जरिये बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने की रणनीति तैयार की गई है।
शासन स्तर पर निर्णय के बाद यह केंद्र शुरू हो जाएगा। इस सेंटर के शुरू होते ही रजिस्टर्ड रिक्रूटमेंट एजेंसियों से तालमेल कर इम्प्लॉयमेंट ड्राइव शुरू करना भी है। संकेत है कि पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद इस सेंटर को शुरू कर दिया जाएगा।