श्रीधरन के सुझाव पर लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) के प्रबंध निदेशक पद पर टेक्नोक्रेट को रखने को हरी झंडी दे दी गई है।
इसके अलावा निदेशक (वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर), निदेशक (रॉलिग स्टॉक व सिस्टम) तथा निदेशक (वित्त) के पद पर भी विशेषज्ञों की नियुक्ति की मंजूरी मिल गई है।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई एलएमआरसी बोर्ड की बैठक में इस पर निर्णय किया गया। इसके बाद मौजूदा प्रबंध निदेशक आईएएस अधिकारी राजीव अग्रवाल का हटना तय हो गया है।
मेट्रोमैन श्रीधरन ने मुख्यमंत्री से मिलकर यह सुझाव दिया था कि लखनऊ में मेट्रो चलाने के लिए तकनीकी क्षेत्र के अनुभवी अधिकारियों की तैनाती एलएमआरसी में की जानी चाहिए।
इसमें किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बुलाई गई एलएमआरसी बोर्ड की बैठक में इन बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद प्रबंधक निदेशक के साथ तीन निदेशक पदों पर विशेषज्ञों की भर्ती को मंजूरी दी गई।
बैठक में इन पदों के लिए पात्रता, योग्यता, वेतनमान और अन्य नियम शर्तों को अंतिम रूप देते हुए तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति प्राप्त की जाएगी।
इसके बाद इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों यह भी निर्देश दिया कि परियोजना के बेहतर ढंग से क्रियान्वयन के लिए ऋण प्राप्त करने के संबंध में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संस्थाओं से संपर्क करके प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
परियोजना के प्रारंभिक कार्यों को तत्काल शुरू करने के लिए अंतरिम कंसलटेंट दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन को अनुबंध के अनुसार फीस दी जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आवास सदाकांत, एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
भारत सरकार को पूर्व में भेजे गए लखनऊ मेट्रो रेल कारर्पोरेशन के नार्थ-साउथ कारीडोर के लिए मिले सैद्धांतिक सहमति के आधार पर बोर्ड की बैठक में माइल स्टोन चार्ट को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा राज्य सरकार की इक्विटी के रूप में दिए गए 20 करोड़ के सापेक्ष उसे शेयर देने का भी निर्णय किया गया।
एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार मेट्रोमैन श्रीधरन ने विगत 8 मार्च व 21 मार्च को लखनऊ भ्रमण के दौरान दिए गए सुझाव को अमल में लाने का भी निर्णय किया गया।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने अधिकारियों को इसके आधार पर काम शुरू करने का निर्देश दिया है।
एलएमआरसी बोर्ड की बैठक के बाद मंगलवार को इससे जुड़ी हाई पावर कमेटी की बैठक होगी।