मेट्रो रेल परियोजना में मवैया रेलवे पुल एलएमआरसी के लिए एक नई परेशानी बनकर आ रहा है। यहां से रेलवे की ओर से एनओसी को लेकर कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं।
ऐसे में इस परियोजना पर करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये का खर्च बढ़ सकता है। अगर यहां भूमिगत मेट्रो गुजारी गई तो एक किलोमीटर पर करीब साढ़े पांच सौ करोड़ का खर्च बढ़ जाएगा।
छह जून को मुख्य सचिव आलोक रंजन परियोजना को लेकर समीक्षा बैठक लेंगे। उसमें इस संबंध में अहम फैसला होने की उम्मीद की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार मवैया रेलवे पुल के ऊपर से मेट्रो गुजारने के लिए उत्तर रेलवे से एनओसी मिलने के सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार रेलवे चाहता है कि चारबाग से एक स्टेशन पहले यानी मवैया में ही मेट्रो का स्टेशन भूमिगत कर दिया जाए।
जबकि अभी की योजना के मुताबिक मवैया में एलीवेटेड लाइन और स्टेशन बनाया जाना है।
माना जा रहा है कि अगर यहां भूमिगत रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा तो एलएमआरसी पर करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार बढ़ जाएगा।
इसी बिंदु पर रेलवे और मेट्रो की विशेष क्रॉसिंग बनाई जानी है। उस पर भी करीब पचास करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।
स्टेशन को भूमिगत करने पर यह खर्च बच सकता है। एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल ने बताया कि हमारा खर्च मवैया से भूमिगत करने पर बढ़ेगा।
सब कुछ रेलवे पर निर्भर करता है। अगर रेलवे राजी हुआ तो काम आसान है। वरना भूमिगत ही करना होगा।