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जानिए कितने महीने-कितने दिन के बाद शुरू हो जाएगी लखनऊ मेट्रो

Tue, 25 Aug 2015 03:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राजधानी में मेट्रो रेल परियोजना के पहले सेक्शन का काम पूरा करने के लिए  सोमवार से 466 दिन का लक्ष्य तय कर दिया गया। इसके हिसाब से दिसंबर-2016 मध्य में ये काम पूरा हो जाएगा। मगर मेट्रो का ट्रायल रन पूरा करने के लिए दिसंबर के आखिर में तारीख तय की जा रही है।
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एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन  ने सोमवार शाम इसकी घोषणा  की। श्रीधरन  ने कहा कि, काम बहुत तेजी से चल रहा है। बहुत जल्द ही यूरोपियन यूनियन बैंक से कर्ज भी मिल जाएगा।

उन्होंने कहा कि चारबाग से बसंतकुंज के बीच ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर को भी मेट्रो परियोजना के फेज-1 के पार्ट-2 के तौर पर शामिल कर लिया गया है। इससे ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के लिए  अलग से पीआईबी अनुमोदन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम के बीच भूमिगत मेट्रो का निर्माण कार्य मार्च-अप्रैल 2016 तक शुरू हो जाएगा। इसको हर हाल में 30 महीने के अंदर पूरा किया जाएगा।

मेट्रो मैन ने यह भी कहा कि इसके अलावा धीरे-धीरे फेज बढ़ते जाएंगे और राजधानी  में करीब 150 किलोमीटर तक मेट्रो रेल परियोजना का संचालन किया सकेगा।
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सभी टेंडर प्रक्रिया शुरू

एलएमआरसी के गोमती नगर विपिनखंड स्थित ऑफिस में एक घड़ी लगा दी गई है, जिसमें पहले आठ किलोमीटर के प्रायोर्टी सेक्शन के लिए उल्टी गिनती शुरू कर दी गई है। यहां सोमवार को 466 दिन बचे हुए  दर्शाए जा रहे थे।

इसके हिसाब से दिसंबर मध्य-2016 में मेट्रो के पहले सेक्शन का काम पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। डॉ. श्रीधरन ने मीडिया को बताया कि, हमारी पूरी तैयारी है कि, दिसंबर-2016  के अंत तक पहले आठ किलोमीटर में ट्रायल रन शुरू हो जाए। इसको लेकर सभी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी हैं।

केवल ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (स्वचलित  भाड़ा वसूली तकनीक) का ही टेंडर बचा है। वह भी जल्द ही जारी कर दिया जाएगा।

राजधानी में 150 किमी दौड़ेगी मेट्रो
राजधानी में भविष्य में करीब 150 किलोमीटर तक मेट्रो चलेगी। फिलहाल नार्थ-साउथ और ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर में 38 किलोमीटर संचालन की योजना है।

वहीं इसके आगे अलग-अलग इलाकों में 113 किलोमीटर की संभावनाएं और तलाशी जा रही  है। श्रीधरन  ने बताया कि बहुत संभव है कि इसमें से 15 साल तक का समय लग जाए, लेकिन ऐसा होगा। इसमें लगभग पूरा शहर ही मेट्रो परियोजना से जुड़ जाएगा।
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चारबाग से बसंतकुंज के लिए पीआईबी नहीं जरूरी

चारबाग से बसंतकुंज के बीच एलएमआरसी को पीआईबी नहीं लेनी होगी। ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर को भी फेज-1 जिसमें ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशीपुलिया के बीच का कॉरिडोर शामिल था, उसी में ले लिया गया है। श्रीधरन ने बताया कि, इसको लेकर एलएमआरसी का कर रहा है।

चारबाग से बसंतकुंज के बीच फेज-1 का पार्ट-2 होगा। जिससे हमको दूसरे कॉरिडोर को शुरू करने से पहले पीआईबी की जगह केवल केंद्र सरकार के अनुमोदन की ही आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में काम तेजी से होगा और जल्द ही मेट्रो चलेगी।

मार्च तक अंडरग्राउंड सेक्शन के काम शुरू
उन्होंने बताया कि अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए सिविल टेंडर अक्तूबर तक जारी कर दिया जाएगा। इसके तकनीकी और वित्तीय परीक्षण में करीब तीन महीने लगेंगे।

इसके बाद मार्च से अप्रैल तक भूमिगत हिस्से में सिविल निर्माण शुरू होगा। खासतौर पर भूमिगत निर्माण के दौरान काफी यातायात डाइवर्जन  होंगे। इसमें जहां स्टेशन बनने होंगे,वहां सबसे अधिक यातायात पर प्रभाव पड़ेगा। उसको लेकर भी तैयारी तेजी से की जा रही है।
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