राजधानी के बाद प्रदेश के कुछ अन्य शहरों में मेट्रो या मोनो रेल की संभावना के संबंध में रिपोर्ट शासन ने तलब की है।
20 लाख से अधिक आबादी वाले विकास प्राधिकरणों को यह पत्र आवास विभाग की ओर से जारी किया गया है।
जिन शहरों में मेट्रो या मोनो रेल के संबंध में रिपोर्ट तलब की गई है, उनमें कानपुर, आगरा, वाराणसी, अलीगढ़, मेरठ और इलाहाबाद शामिल किए गए हैं।
वाह्य सहायतित परियोजना विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली ने यह जानकारी बुधवार को दी।
उन्होंने बताया कि, उत्तर प्रदेश को एक ऐसा राज्य बनाने की पहल की जा रही है, जहां सबसे अधिक यात्री मेट्रो या मोनो रेल में सफर कर सकें।
उन्होंने इस संबंध में एक पत्र मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और आवास विभाग को लिखा था, जिसको संदर्भित करते हुए छह विकास प्राधिकरणों के प्रमुखों को मेट्रो या मोनो रेल की फिजीबिलिटी और वाइबिलिटी संबंधी रिपोर्ट तलब की गई है।
यूपीएमएमआरसी भी बनेगा
मधुकर जेटली ने बताया कि, लखनऊ को मुख्यालय बनाकर उत्तर प्रदेश मेट्रो एवं मोनो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमएमआरसी) लिमिटेड के गठन की संभावनाओं पर भी भविष्य में विचार किया जाएगा।
ताकि सभी शहरों में संचालन के लिए एक ही एजेंसी काम कर सके। एक ही एजेंसी के तहत संचालित होने की वजह से सभी शहरों में इनको बिना भेदभाव संचालित किया जा सकेगा।