विधानसभा सत्र के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। विधानभवन की सुरक्षा एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के कमांडो करेंगे।
इसके अलावा पुलिस, पीएसी और आरपीएफ की कई कंपनियां तैनात रहेंगी।
साथ ही एक डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पांच सब इंस्पेक्टर और 15 कांस्टेबलों की स्पेशल टीम बनाई गई है।
विधानमंडल सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विधानभवन में विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की।
जिसमें बताया गया कि एटीएस के पांच कमांडो के नेतृत्व में क्विक रिस्पांस टीम विधानभवन के इर्द-गिर्द पैनी निगाह रखेगी। टीमें अत्याधुनिक असलहों से लैस होंगी।
एएसपी विधानसभा सुरक्षा अष्टभुजा प्रसाद सिंह ने कहा कि इस बार सत्र के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
एएसपी के मुताबिक एटीएस कमांडो के साथ दो एएसपी, नौ डिप्टी एसपी और पांच कंपनी पीएसी व एक कंपनी आरएएफ विधानभवन के इर्द-गिर्द तैनात रहेगी।
गेट नंबर दो पर आरएएफ की कंपनी लगाई गई है। इसके अलावा 100 इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर, 300 कांस्टेबल हर गेट पर सक्रिय रूप से निगरानी करेंगे।
बाहर दो डिप्टी एसपी के साथ 150 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। एक डिप्टी एसपी के साथ पांच सब इंस्पेक्टर और 15 कांस्टेबलों की टीम मोबाइल रहेगी।
एक डिप्टी एसपी की ड्यूटी कंट्रोलरूम में रहेगी जहां वह सभी नौ सीसीटीवी कैमरों से विधानभवन के चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे।
बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड, एंटी माइंस स्क्वायड, डॉग स्क्वायड और वज्र वाहन व फायर ब्रिगेड के दस्ते भी रहेंगे।