नए साल में चलिए थोड़ा और डिजिटल हो जाते हैं। यानी अब मेट्रो गो-कार्ड से गृह-जल कर पार्किंग शुल्क और सिटी बस के किराये का भुगतान संभव होगा। स्मार्ट सिटी बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे लागू कराने से पहले तकनीकी व वित्तीय परीक्षण के लिए कमेटी भी बना दी गई है।
नई सुविधा अगले महीने से शुरू की जानी है। इस सुविधा का फायदा करीब दस लाख लोगों को मिलेगा। नगर निगम व जलकल के करीब आठ लाख उपभोक्ता मेट्रो गो-कार्ड से जुड़ेंगे। मेट्रो के स्मार्ट कार्ड से इन दस लाख लोगों को जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है।
मेट्रो ने एक इंटीग्रेटेड सॉफ्टेवयर तैयार कराया है। इससे अब नगर निगम और जलकल को भी जोड़ा जा रहा है।इसके साथ ही पार्किंग शुल्क व सिटी बस के किराये का भुगतान करने वाले करीब दो लाख लोगों को डिजिटल पेमेंट का फायदा मिलेगा।
वॅालेट की तरह काम करेगा ये कार्ड
- फोटो : डेमो
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि एलएमआरसी ने जो स्मार्ट कार्ड जारी किया है, वह वॅालेट की तरह काम करेगा। कार्ड धारक अपनी जरूरत के हिसाब से उसको रिचार्ज कराएगा और खर्च करेगा। अब उसी स्मार्ट कार्ड से नगर निगम भी जुड़ने जा रहा है, ताकि शहरवासी गृहकर, जलकर, सिटी बस का किराया और पार्किंग शुल्क का भुगतान भी कर सकें। सभी तरह के पेमेंट के लिए एक ही कार्ड का उपयोग होने से शहरवासियों को काफी सहूलियत होगी।
स्मार्ट सिटी बोर्ड ने जो कमेटी बनाई है, उसकी बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। दो से तीन दिन के भीतर स्वच्छ सर्वेक्षण के सर्वे की डेट आने वाली है। यह चार जनवरी से दस मार्च के बीच प्रस्तावित है। यदि डेट जल्द घोषित हो गई तो सर्वे के बाद मीटिंग होगी ओर देर में आई तो उससे पहले ही मीटिंग कर योजना को शुरू कराया जाएगा। - पीके श्रीवास्तव, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी