मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि अब केंद्र सरकार से ब्लूलाइन की डीपीआर को अनुमति मिलने का इंतजार है। 4835 करोड़ रुपये की संशोधित डीपीआर को अनुमति के लिए भेजा जाना है। यह बजट 70 प्रतिशत भूमिगत और 30 प्रतिशत एलीवेटेड रूट पर खर्च किया जाना है।
सीजी सिटी में हैंडओवर नहीं हो रही जमीन
लखनऊ मेट्रो फायदे में चले और यात्रियों से मिलने वाले किराए पर निर्भर न रहे, इसके लिए सीजी सिटी में लखनऊ मेट्रो को करीब 150 एकड़ जमीन मिलनी प्रस्तावित है। इस जमीन में से अब एक बड़ा भाग विधान भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित कर दिया गया है। ऐसे में मेट्रो को जमीन हैंडओवर नहीं की जा रही है। इस जमीन के व्यावसायिक और आवासीय उपयोग से होने वाली आय से मेट्रो का फायदे में संचालन सुनिश्चित किया जाना था।