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मेट्रो निर्माण बढ़ा सकता है परेशानियां...

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राजधानी में मेट्रो रेल के सिविल निर्माण के दौरान आठ किलोमीटर में नो स्टॉपिंग जोन का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा। ऐसे में शहर में मेट्रो रूट से जुड़े कई प्रमुख मार्गों पर वाहन खड़ा करना प्रतिबंधित जाएगा।
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इसे देखते हुए  लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने कुछ नए स्थानों का भूमिगत पार्किंग के लिए जगह की तलाश शुरू की दी है।

मेट्रो के सिविल निर्माण के चलते सरोजनी नगर से चारबाग के बाद अगले डेढ़ साल में केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया चौराहे तक भी लोग सड़क किनारे गाड़ियां पार्क नहीं कर सकेंगे।

इसके बाद गोमती नगर के पत्रकारपुरम चौराहा और नए हाईकोर्ट की ओर जाने वाले रास्ते पर भी यह सिस्टम लागू हो जाएगा।

फिर अगले कॉरिडोर के आने के बाद पुराने राजधानी के मेट्रो रूट वाले इलाकों में भी नो स्टॉपिंग जोन होगा। इस तरह राजधानी में लगभग 54 किमी सड़कों पर भविष्य में नो स्टॉपिंग जोन व्यवस्था लागू होगी।
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कहां पार्क कर सकेंगे गाड़ी

सरोजनी नगर से चारबाग के बीच नो स्टॉपिंग जोन को लेकर सहमति बन चुकी है। यातायात पुलिस और एलएमआरसी के बीच इस संबंध में बैठक भी हो चुकी है।

मगर 2018 तक मुंशीपुलिया का भी काम खत्म किया जाना है। ऐसे में तय है कि, बहुत जल्द ही चारबाग से आगे के खंडों का भी काम शुरू किया जाएगा।

चारबाग से लेकर केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक भूमिगत मेट्रो होने की वजह से इस चार किलोमीटर के रोड पर तो असर कम दिखेगा, मगर इसके आगे एलयू से मुंशीपुलिया तक तो गाड़ियां खड़ी की जा सकेंगी।

मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग भी लोगों के बहुत काम आएंगी। हर मेट्रो स्टेशन पर वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी। इस तरह हर एक किमी पर वे लोग भी गाड़ियां पार्क कर सकेंगे, जो कि मेट्रो की सवारी न कर रहे हों।

लखनऊ विकास प्राधिकरण के ‌सचिव अष्टभुजा प्रसाद तिवारी का कहना है कि हम मेट्रो रूट को देखते हुए कई और भूमिगत पार्किंग को लेकर प्रयासरत हैं। कुछ स्थानों का चयन भी किया गया है। इसके अलावा हर मेट्रो स्टेशन पर अपनी पार्किंग भी होंगी।

ये होंगे नो स्टॉपिंग जोन

नार्थ-साउथ कॉरिडोर: यूनिवर्सिटी रोड, आईटी रोड, महानगर, बादशाह नगर, फैजाबाद रोड, पॉलीटेक्निक रोड से मुंशीपुलिया रोड और मुंशीपुलिया चौराहे तक। (लगभग 19 किमी)

गोमती नगर लिंक रूटः पॉलीटेक्निक चौराहे से नवीन हाईकोर्ट परिसर और वहां से पत्रकारपुरम चौराहे की ओर। (लगभग 3.5 किमी)

ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोरः चारबाग से लाटूश रोड गौतमबुद्ध मार्ग तक। इसके बाद भूमिगत लाइन होगी। फिर सिटी स्टेशन, मेडिकल यूनिवर्सिटी, कोनेश्वर, हरदोई रोड से बसंतकुंज तक। (लगभग 12 किमी )

मिल रोड लिंक लाइनः मिल रोड लिंक लाइन मवैया मेट्रो जंक्शन को मेडिकल यूनिवर्सिटी चौराहे को जोड़ेगी। इसमें मिल रोड, बुलाकी अड्डा, टुड़ियागंज, हैदरगंज, नक्खास, अकबरी गेट, विक्टोरिया स्ट्रीट शामिल होगा। (पूरे 10 किमी )

भविष्य में अलीगंज कपूरथला चौराहा, चौक में लोहिया पार्क के सामने, नक्खास में जयभारत पार्क और मुंशीपुलिया चौराहे के पास पार्किंग स्थल होंगे।
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मेट्रो स्टेशनों पर दिखेगी लखनवी तहजीब

मेट्रो स्टेशनों की डिजाइनिंग में लखनवी तहजीब और वास्तु का भी ख्याल रखा जाएगा जिसके चलते इन स्टेशनों का बेहतर वित्तीय उपयोग एलएमआरसी कर सकेगा।

इसके अलावा मेट्रो रूट पर जो भी संपत्ति एलएमआरसी के प्रॉपर्टी डेवलपमेंट में शामिल होगी, उसका अधिकतम वित्तीय उपयोग करने की जुगत के लिए कंसलटेंट को लगाया गया है।

इससे मेट्रो परियोजना को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा। सियिस्ट्रा कंसलटेंट को यह काम दिया गया है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बुधवार को चारबाग से सरोजनीनगर तक एलाइनमेंट का सर्वे किया।

इसके अलावा स्टेशनों की लोकेशन भी देखी। रूट पर आइकॉनिक स्टेशन भी बनाया जाएगा। ये स्टेशन लखनऊ की पहचान बनेगा। मेट्रो रेल परियोजना में परिसंपत्तियों के जरिए अधिक से अधिक कमाई करने के लिए बिजनेस कंसलटेंट नियुक्त किया है।
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