लखनऊ मेट्रो की एक लापरवाही ने बृहस्पतिवार को एक होनहार छात्र की जान ले ली। काल्विन कालेज में 12वीं के छात्र और शुभम सिनेमा के पास क्लीनिक चलाने वाले एक चिकित्सक डॉ. एमएम अजहर के बेटे इस्माइल की लखनऊ मेट्रो की लगाई बेरीकेडिंग में टकराने की वजह से मौके पर ही मौत हो गई। यह बेरीकेडिंग एलयू के सामने काम कराने के लिए लापरवाही के साथ लगाई गई थी। घटना के समय इस्माइल अपने एक दोस्त के साथ पढ़ने के लिए काल्विन कालेज जा रहा था। बेरीकेडिंग में स्कूटी भिड़ने की वजह से वह बुरी तरह टूट-फूट गई। हालांकि, हादसे के बाद मृत छात्र के परिजनों ने पुलिस में एफआईआर करने और पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
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यह हादसा तड़के सुबह करीब आठ बजे हुआ। उस समय काल्विन कालेज में 12वीं कक्षा में पढ़ रहा इस्माइल (उम्र 17 साल) अपने दोस्त मो. जईन के साथ स्कूटी सफेद रंग की एक्टिवा (वाहन रजिस्ट्रेशन संख्या यूपी 32 एचजे 1049) पर जा रहे थे। हनुमान सेतु से आगे एलयू के गेट नंबर 3 के आगे मिट्टी डालने के लिए काफी खाली जगह छोड़ कर बेरीकेडिंग लखनऊ मेट्रो की कार्यदायी संस्था एलएंडटी ने की हुई थी।
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घटना के समय वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि स्कूटी पर सवार छात्र तेजी से हनुमान सेतु की तरफ से आ रहे थे। अचानक से उनकी स्कूटी का संतुलन वहां से गुजर रहे दूसरे वाहनों की वजह से बिगड़ा। इसके बाद वह खाली जगह में होते हुए बेरीकेडिंग के किनारे की तरफ से आकर सीधे भिड़ गए। इससे बाइक चला रहे छात्र का सिर सीधे लोहे काफी भारी वजन की बेरीकेडिंग से टकराया। इसके बाद ही मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम परिवार की तरफ से नहीं कराए जाने की वजह से मौत का सही कारण हालांकि पता नहीं चल सका।
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घटना के बाद मौके पर पहुंची हसनगंज कोतवाली की पुलिस ने आनन-फानन घायल मो. जईन को पास में ही विवेकानंद पॉलीक्लीनिक भेजा। यहां उसकी चोटों की फ र्स्ट एड, एक्सरे और दूसरी जरूरी जांच कर थोड़ी देर बाद ही डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं मृतक छात्र की बॉडी को परिजन अपने साथ ले गए। मृतक इस्माइल पिता और चाचा के साथ शुभम सिनेमा के पास रहता था। यहीं उसके पिता अपना क्लीनिक चलाते हैं। वहीं घायल मो. जईन पुत्र साहब खास शुभम सिनेमा के पास ही रकाब जगदीश खास में रहता है। वह काल्विन कालेज में 11वीं का छात्र है। (इस तरह जगह-जगह खुली पड़ी है बैरीकेडिंग)
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इस लापरवाही की वजह से मौत
हनुमान सेतु से आईटी कालेज की तरफ जाते समय एलयू के गेट नंबर 3 के आगे लगी बेरीकेडिंग के पास काफी हिस्से में खुली जगह थी। यहां एक लाल-सफेद रंग का चेतावनी फीता लगाकर अंदर आने से रोका गया था। मौसम खराब होने की वजह से फीता दिखाई नहीं दिया। ऐसे में निकलने के लिए स्कूटी को जब छात्र ने बेरीकेडिंग के पास से निकालने की कोशिश की तो हादसा हो गया।
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एफआईआर के लिए परिजनों ने किया मना
हसनगंज कोतवाली के एसओ पीके झा ने बताया कि मृतक के पिता डॉ. अजहर ने किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए मना किया। उनकी तरफ से एफआईआर के लिए भी कोई तहरीर नहीं आई है। इसके बाद परिजनों ने इसे हादसा मानते हुए पोस्टमार्टम कराने से भी मना कर दिया। इसके बाद पुलिस अब हादसे की छानबीन कर अपनी रिपोर्ट बना रही है। हादसे में बर्बाद हुई स्कूटी को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
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स्कूल में शोकसभा के बाद हुई छुट्टी
प्रिंसिपल अमर जैदी ने बताया कि हादसे से पूरा कालेज स्टाफ और छात्र-छात्राएं आहत हुए हैं। हादसे में इस्माइल की मौत की सूचना मिलते ही स्कूल में श्रृद्धांजलि देने के लिए एक शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी छात्रों को ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा का ध्यान रखने केलिए कहा गया। इसके बाद स्कूल का कामकाज बंद कर छुट्टी कर दी गई। (मृतक छात्र)
लखनऊ मेट्रो ने कहा, हमारी कोई गलती नहीं
इस हादसे में छात्र की मौत से पूरी तरह लखनऊ मेट्रो ने अपना पल्ला छाड़ लिया है। लखनऊ मेट्रो ने अपनी कोई भी गलती मानने से मना कर दिया है। मेट्रो के प्रवक्ता अमित कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि कोई बेरीकेड किसी बाइक या स्कूटी सवार के ऊपर नहीं गिरी। वहां हुए छात्रों के साथ किसी भी हादसे या खराब घटनाक्रम के लिए लखनऊ मेट्रो जिम्मेदार नहीं है। छात्र सड़क से गुजर रहे थे। ऐसे मेें ट्रैफिक पुलिस ही उनकी मौत के बारे में बता सकती है। वहीं हसनगंज कोतवाली के एसओ पीके झा ने मौके पर जाकर जांच की। इसके बाद उन्होंने बताया कि लापरवाही से खुले एरिया में लगी बेरीकेड में भिड़ने की वजह से छात्र की मौत हुई। (मामले की जांच करते पुलिसकर्मी।)