श्री रामलीला समिति गोमती नगर की ओर से आयोजित रामलीला में मंचन करते कलाकार। -संवाद
लखनऊ। श्री रामलीला समिति गोमती नगर की ओर से पर्वतीय महापरिषद भवन में चल रही तीन दिवसीय रामलीला के मंचन के अंतिम दिन सोमवार को मेघनाद, कुंभकर्ण और रावण के वध के साथ ही प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। अंतिम दिन पर्वतीय समाज के अलावा बड़ी संख्या में दर्शकों ने मंचन का आनंद उठाया। इस दौरान जय श्रीराम का उद्घोष गूंजता रहा। दर्शकों ने सभी पात्रों के अभिनय की सराहना की। मुख्य अतिथि महापौर सुषमा खर्कवाल रहीं।
मंचन की शुरुआत शबरी प्रसंग के साथ हुई। इसके बाद शबरी प्रसंग, राम-सुग्रीव मैत्री, हनुमान का लंका गमन, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध के साथ ही राम-रावण युद्ध का मंचन किया गया। श्रीराम ने रावण का वध करने के बाद विभीषण को लंका का राजा बनाया। लक्ष्मण और सीता के साथ अयोध्या पहुंचे श्रीराम का भव्य स्वागत किया गया और इसके बाद उनका धूमधाम से राज्याभिषेक किया गया।
शहर की विभिन्न रामलीला समितियों व संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे जिनका रामलीला समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह बोरा और महासचिव रमेश चंद्र उपाध्याय ने रामनामी पट्ट पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में पर्वतीय महपरिषद के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी, महासचिव महेंद्र सिंह रावत, संयोजक केएन चंदोला समेत अन्य पदाधिकारी व बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।