राज्य सरकार ने मेरठ में प्रशासनिक चूक से खेड़ा गांव में प्रतिबंध के बाद भी महापंचायत में हजारों ग्रामीणों के जुटने और नतीजे में हिंसा होने पर कड़ा रुख अपनाते हुए मेरठ के एसएसपी दीपक कुमार को हटा दिया है।
लेकिन सरकार ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को बख्श दिया है। कमिश्नर, डीएम, डीआईजी अथवा आईजी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दीपक कुमार को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
उनकी जगह बलिया के एसपी ओंकार सिंह को भेजा गया है। भाजपा विधायक संगीत सोम की गिरफ्तारी व रासुका की कार्रवाई के विरोध में रविवार को मेरठ के खेड़ा गांव में प्रस्तावित महापंचायत को सरकार ने अनुमति नहीं दी थी।
लेकिन रोक के बाद भी सरधना के खेड़ा गांव में महापंचायत का आयोजन हो गया। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा था और सरकार की खासी किरकिरी हुई थी।
इसी वजह से सरकार ने रविवार को मेरठ में महापंचायत की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन अफसरों की ढिलाई की वजह से ग्रामीण वहां जुटे और हिंसा हो गई।