बैठक करतीं महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार व अन्य।
लखनऊ। शहर के नालों की सफाई 15 जून तक पूरी करने की समयसीमा के बीच नगर निगम और निजी कंपनी रामकी का विवाद सामने आया है। अनुबंध के तहत एक मीटर तक चौड़े नालों की सफाई रामकी को करनी है, लेकिन काम न होने पर शुक्रवार को महापौर ने समीक्षा बैठक में गहरी नाराजगी जताई।
उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बरसात से पहले सभी नालों और नालियों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित की जाए। जिन वार्डों में सफाई का जिम्मा रामकी के पास है, वहां एक मीटर से कम चौड़े नालों की सफाई वही करेगी। महापौर ने वार्ड मैनेजरों को पार्षदों से समन्वय बनाकर रोजाना काम करने और बरसात से पहले कूड़ा उठाने वाले वाहनों का रखरखाव दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में दोबारा कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई
बैठक में महापौर ने इंजीनियरिंग विभाग से जोनवार अतिक्रमण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने लालबाग क्षेत्र में सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों का चालान कर उन्हें हटाने और लालकुआं चौराहे पर सड़क किनारे किए गए कब्जों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा, यातायात बाधित करने वाले अस्थायी ठेलों और अतिक्रमणों पर भी रिपोर्ट तलब की गई है। महापौर इस मसले पर छह जून को दोबारा समीक्षा बैठक करेंगी।