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काम नहीं आई मायावती की बंगला बचाने की तिकड़म, विभाग ने कहा- खाली ही करना होगा

Wed, 23 May 2018 09:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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सरकारी बंगला बचाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा प्रमुख मायावती द्वारा ‘श्री कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगाने के दांव को राज्य संपत्ति विभाग सिरे से खारिज कर रहा है। विभाग का कहना है कि सिर्फ बोर्ड लगा देने से शीर्ष अदालत के आदेश पर अमल कराने में कोई बाधा नहीं है। उन्हें आवास खाली करना पड़ेगा।

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दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन आवास देने के कानून को रद्द कर दिया था। जिसके बाद राज्य सम्पत्ति विभाग ने प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला 15 दिन में खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। जिसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने सरकारी बंगले 13ए-माल एवेन्यू पर कांशीराम यादगार विश्राम स्थल का बोर्ड लगा दिया था। लेकिन राजस्व विभाग ने मामले पर सीधा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें हर हाल में सरकारी आवास खाली ही करना होगा।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजस्थान के राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने भी माल एवेन्यू स्थित सरकारी आवास खाली करना शुरू कर दिया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को भी आवास खाली करने का नोटिस तामील करा दिया गया। इस बीच, विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से मांगी गई दो साल की मोहलत पर राज्य संपत्ति विभाग ने न्याय विभाग से राय मांगी है।

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'निर्धारित समयावधि में सरकारी आवास खाली कर देंगे'

राजस्थान के राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह - फोटो : amar ujala
सूत्रों के मुताबिक कल्याण सिंह को भेजे गए नोटिस के जवाब में उनके विशेष कार्याधिकारी ने सूचित किया है कि वह निर्धारित समयावधि में सरकारी आवास खाली कर देंगे। मंगलवार शाम से कल्याण सिंह का 2-माल एवेन्यू बंगला खाली होना शुरू भी हो गया।

उनका सामान पौत्र और राज्यमंत्री संदीप सिंह के 2-तिलक मार्ग, डालीबाग स्थित सरकारी आवास पर शिफ्ट किया जा रहा है। उधर, एनडी तिवारी को भी दिल्ली में नोटिस तामील करा दिया गया है लेकिन उनकी ओर से आवास खाली करने के बारे में अभी कोई सूचना नहीं मिली है।

राज्य संपत्ति विभाग ने आवास खाली करने के लिए दो वर्ष की मोहलत मांगने संबंधी अखिलेश यादव के पत्र को न्याय विभाग को भेजकर विधिक राय मांगी है। विभाग ने न्याय विभाग से पूछा है कि क्या अखिलेश यादव को मकान खाली करने के लिए मोहलत दी जा सकती है?

राज्य संपत्ति विभाग ने अखिलेश के पत्र के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति भी न्याय विभाग को भेजी है। सूत्रों का कहना है कि न्याय विभाग की राय मिलने के बाद अखिलेश यादव के पत्र पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले पर राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ल का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी को भी सरकारी आवास खाली करने का नोटिस तामील करा दिया गया है। राजस्थान के राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के विशेष कार्याधिकारी ने सूचित किया है कि वह निर्धारित समय पर आवास खाली कर देंगे।
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