बसपा सुप्रीमो मायातवी ने किसी भी सूरत में भाजपा को केंद्र में समर्थन देने से इनकार किया है।
माया ने केंद्र में भाजपा या मोदी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार को समर्थन देने की संभावना को सिरे से नकार दिया है।
मायावती ने कहा कि भाजपा को अगर पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है, तो उसे भले ही जयललिता, ममता बनर्जी या मुलायम सिंह यादव समर्थन दे दें लेकिन बसपा मोदी जैसे सांप्रदायिक व्यक्ति को कभी समर्थन नहीं देंगी।
उन्होंने मोदी पर एक बार फिर हमला बोलते हुए कहा कि उनके बयानों से माहौल खराब हो रहा है।
जातीय ध्रुवीकरण के लिए नाटक कर रही भाजपा
एक दिन पहले ही मायावती ने नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला करते हुए कहा था कि भाजपा और मोदी जातीय ध्रुवीकरण के लिए काशी में धरना करने का नाटक कर रही है।
मायावती ने आरोप लगाया कि गंगा आरती के जरिए भाजपा चुनावी लाभ लेना चाहती है। हालांकि, उन्होंने सपा सरकार को भी लपेटे में लिया।
उन्होंने अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसकी शह पर ही भाजपा ध्रुवीकरण का खेल कर रही है। मायावती ने कहा कि सुरक्षा को किसी तरह से भी चुनावी कार्यक्रम रद करने का कारण नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जानबूझकर काशी के जिला प्रशासन को मोहरा बनाकर भाजपा को फायदा पहुंचाना चाह रही है।
मुस्लिम ध्रुवीकरण के लिए बवाल
मायावती ने यह भी कहा था कि आजमगढ़ में मुलायम की हार और काशी में मोदी की हार होती देखकर सपा और भाजपा मुस्लिम ध्रुवीकरण की चाल चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सपा चाहती तो मोदी के लिए सुरक्षा के जरूरी बंदोबस्त करवाती, लेकिन ध्रुवीकरण करवाने के लिए दोनों पार्टियों ने मिलीभगत कर ली है।
मायावती ने आरोप लगाया कि सपा ने जानकर भाजपा को धरना प्रदर्शन करने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा का गठजोड़ चुनाव के पहले ही हो गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और सपा चुनाव के निष्पक्ष माहौल को खराब कर कुछ जातियों को भी प्रभावित करना चाहती हैं।