लोकसभा चुनाव में एक भी सीट पर खाता नहीं खोल पाने से बौखलाईं मायावती ने मंगलवार को संगठन भंग कर दिया।
चुनाव में हार की गाज वर्षों से जोनल कोआर्डिनेटर के रूप में संगठन से लेकर प्रत्याशी चयन तक में अहम जिम्मेदारी निभा रहे कोआर्डिनेटरों पर भी गिरी।
सूत्रों के मुताबिक उन्हें उन्हें यूपी के बाहर तक का रास्ता दिखाया जा सकता है। हालांकि किसी कोऑर्डिनेटर को कहां भेजा जाएगा, इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है।
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर मिली है कि मयावती ने पार्टी के सभी नेताओं को भाषण देने से मना कर दिया है। साथ ही, उन्होंने सभी नेताओं से लग्जरी नेताओं से दौरे करने पर भी रोक लगा दी है।
तीन लोकसभा सीट पर बनेगा एक जोन
मायावती ने संगठन को भंग करके इसे नए तरह के पुनर्गठन करने की बात कही। उन्होंने बताया कि पहले जहां मंडल के आधार पर जोन का बंटवारा होता था अब उसे तीन लोकसभा सीटों पर बांट दिया गया है।
अब तीन लोकसभा सीट पर ही जोनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त होंगे, और जिसका सारा काम अब उनकी निगरानी में होगा।
मायावती अब काडरों की नियुक्ति, पार्टी को मजबूती देने में उनकी कार्यप्रणाली और भागीदारी की भी समीक्षा करेंगी।
मायावती इस बैठक के बाद अलग-अलग प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक भी करेंगी। इसके बाद 21 व 22 मई को यूपी के जोनल कोआर्डिनेटर व प्रत्याशियों के साथ मंडलवार बैठकों का कार्यक्रम है।
'भाजपा ने गुमराह कर जीता चुनाव'
16वीं लोकसभा चुनावों में अपनी अप्रत्याशित हार पर मायावती ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लिया।
माया ने कहा, भाजपा ने इस चुनाव में हर तरह के छल, कपट और झूठ का सहारा लेकर विजय हासिल की है। उन्होंने भाजपा पर गुमराह करके वोट बटोरने का आरोप भी मढ़ा।
अपनी हार पर मायावती ने कहा कि ऐसा पहली बार है जब कोई पार्टी महज 31 फीसदी वोट पाकर बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।
मायावती ने माना कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आने वाल दिनों में उन्हें कई और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कार्यकताओं से बसपा के जनाधार को बढ़ाने की अपील भी की।