अमेठी में वंशवाद को चुनौती देने वाली भाजपा नेता
स्मृति ईरानी भले ही चुनाव हार गईं हो लेकिन पार्टी में उनका कद जरूर बढ़
गया है। अब उन्हें मंत्री बनाने की मांग की जा रही है।
भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक रायबरेली के इन्हौना के सेमरौता में हुई।
बैठक में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उनके गढ़ अमेठी संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव में कड़ी टक्कर देने वाली भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को मंत्री बनाने की मांग जोर शोर उठाई गई।
राहुल गांधी को दी कड़ी टक्कर
युवा भाजपा नेता अवनींद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस की जीत को मुश्किल बना दिया था। राहुल गांधी को उनके घर में आकर चुनौती दी थी।
इसके लिए भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को सरकार में मंत्री का पद मिलना चाहिए।
बैठक में जिला मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय, गौरव श्रीवास्तव, केके गुप्ता, राजाराम अवस्थी, श्याम मूर्ति यादव, अबंरीश जायसवाल, बंटी सिंह, लल्लन सिंह, राकेश मिश्र, सत्यदेव यादव आदि मौजूद रहे।
घट गया राहुल की जीत का अंतर
राहुल गांधी को अमेठी में चुनौती देने वाली स्मृति को कुल तीन लाख सात सौ अड़तालिस वोट मिले, जबकि राहुल गांधी को चार लाख आठ हजार छह सौ इक्यावन वोट मिले।
2014 के लोकसभा चुनाव के पहले 2009 और 2004 में राहुल गांधी ने एक तरफा जीत दर्ज की थी। पिछले आम चुनाव में उनका जीत का फर्क तीन लाख वोटों से भी अधिक था।
इस बार के चुनाव में राहुल को स्मृति से कड़ी चुनौती मिली। स्मृति के कारण ही कांग्रेस पर जीत के लिए इतना दबाव था कि मतदान के दिन राहुल गांधी को खुद अमेठी आना पड़ा वहीं उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका ने भी क्षेत्र का दौरा किया।