कर्नाटक की वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर मायावती ने केंद्र सरकार से एनआईए से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश में निर्भीक पत्रकारों और लेखकों की जिस प्रकार लगातार हत्या हो रही है, उस पर सिर्फ निंदा करने से काम नहीं चलेगा।
गुरुवार को लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में सिलसिलेवार तरीके निष्पक्ष पत्रकारों और लेखकों की हो रही हत्याओं में एक खास पैटर्न पूरे देश को नजर आ रहा है।
जिस प्रकार कश्मीरी नेताओं की जांच एनआईए कर रही है, उसी प्रकार अन्य राज्यों में हो रही इन हत्याओं की जांच भी सरकार को एनआईए को सौंपनी चाहिए।
बसपा सुप्रीमो ने गौरी लंकेश की हत्या को गहरी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि गोरक्षा, लव-जिहाद, एंटी-रोमियो, घर वापसी जैसे मामलों में हो रही हत्याओं पर केंद्र और राज्य की सरकारों को गंभीरता से लेना चाहिए।
गौरतलब है कि मंगलवार को बेंगलुरु में दक्षिणपंथ की कड़ी आलोचक गौरी लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इससे पहले जाने-माने विचारक डॉक्टर एमएम कलबुर्गी, लेखक डाबोलकर व गोविंद पनसारे की हत्या भी इसी तरह हो चुकी है। ये सभी लेखक और विचार दक्षिणपंथ के कड़े आलोचक थे।
गौरी शंकर भी इसी कड़ी का हिस्सा थीं। अपने पिता द्वारा चालीस वर्षों पहले शुरू की गई पत्रिका लंकेश के जरिए 'कम्युनल हार्मनी फोरम' को काफी बढ़ावा दिया था। उनके विचार काफी कुछ कलबुर्गी से मिलते थे।