बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार से अंहकारी व तानाशाही वाला रवैया छोड़ने की अपील की है। मायावती ने सोमवार सुबह लगातार दो ट्वीट किए। उन्होंने कहा है कि हाथरस कांड के बाद सबसे पहले पीड़ित परिवार से मिलने व सही तथ्यों की जानकारी के लिए 28 सितंबर को बसपा प्रतिनिधिमंडल गया था। वहां पीड़ित परिवार को थाने में ही बुलाकर प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कराई गई थी। वार्ता के बाद मिली रिपोर्ट अति:दुखद थी, जिसने मुझे मीडिया में जाने के लिए मजबूर किया।
इसके बाद वहां मीडिया से बदसुलूकी हुई तथा शनिवार व रविवार को विपक्षी नेताओं व लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जो अति-निंदनीय व शर्मनाक है। सरकार को अपने इस अहंकारी व तानाशाही वाले रवैये को बदलने की सलाह है, वरना इससे लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होंगी।
शक्ति मल्लिक हत्याकांड के षड्यंत्र के पर्दाफाश की मांग
मायावती ने बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्णिया में राजद के दलित नेता रहे शक्ति मल्लिक की हत्या मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मल्लिक की घर में गोली मारकर की गई हत्या व इस मामले में राजद प्रमुखों पर नामजद प्राथमिकी का चुनाव आयोग को तुरंत संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई व षड्यंत्र का पर्दाफाश करना चाहिए, वरना हिंसा बढ़ेगी।