बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि सपा और भाजपा दोनों का सपना इस चुनाव में चकनाचूर होने वाला है। अब तक के चरणों को देखकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का तो चेहरा ही उतर गया है। उधर भाजपा नेता अमित शाह ने बड़प्पन दिखाते हुए यह स्वीकार कर लिया है कि बसपा भी मजबूती से चुनाव लड़ रही है।
मॉल एवेन्यू स्थित चिल्ड्रन पैलेस म्यूनिसिपल स्कूल में मायावती बुधवार सुबह सात बजे वोट डालने पहुंचीं। इस मौकेपर उन्होंने मीडिया कर्मियों से बात की। कहा कि सपा और भाजपा के सरकार बनाने के दावे धरे रह जाने वाले हैं। खास तौर से मुस्लिम समाज के लोग सपा की कार्यशैली से बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा तीन सौ से पार जाने का दावा कर रही है। सपा प्रमुख का दावा तो इससे भी ऊपर है पर यह वक्त बताएगा कि कौन कितने पानी में है। ये दावे धरे रह जाएंगे। बसपा जिस तरह का चुनाव लड़ रही है उससे वह सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद को अंबेडकर वादी होने का दावा कर रहे हैं पर यदि ऐसा है तो उन्होंने बाबा साहेब के नाम पर बसपा द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं को बंद क्यों कर दिया।
मेरा वोट बैंक न देखे, यादव कहां जा रहे हैं सपा यह देखे
मायावती ने कहा कि ज्यादातर मुस्लिमों का कहना है कि पांच साल उन्होंने सपा की सेवा की पर जब टिकट देने की बारी आई तो सपा ने अन्य को टिकट बांट दिए। उन्होंने कहा कि मेरे समाज का वोट कहां जा रहा है सपा को यह देखने की बजाय यह देखना चाहिए कि यादव समाज का वोट कहां जा रहा है। बसपा को तो सर्वसमाज का वोट मिल रहा है। जब जब सपा की सरकार रही है तब तब सर्वसमाज का उत्पीड़न हुआ है। गुंडागर्दी, माफियागर्दी, गरीबों का उत्पीड़न चरम पर रहा। मुजफ्फरनगर का भीषण दंगा इसका जीता जागता उदाहरण है। यही कारण है कि सपा मुखिया का अब जगह जगह विरोध हो रहा है।
उपवास रख दिया वोट, सभी से की अपील
मायावती ने अपील की थी कि पहले वोट करें, तभी कुछ खाएं पीएं। उन्होंने सुबह तब तक उपवास रखा जब तक वोट नहीं किया। साथ ही अन्य लोगों से भी वोट करने की अपील की। कहा कि जिनका वोट अगले चरणों में है वे सभी वोटर पहले वोड डालें। उस दिन मतदान करने के बाद ही कुछ खाना पीना है।