बसपा सुप्रीमो मायावती ने देश के अलग-अलग राज्यों से कवि, महिला वकील, प्रोफेसर व बुद्घजीवियों की गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध कर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि नक्सल समर्थक होने का आरोप लगाकर गिरफ्तारी करना केंद्र की भाजपा सरकार की निरंकुशता व सत्ता के दुरुपयोग की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
मायावती ने कहा कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो देश के दलितों, आदिवासियों व पिछड़ों पर हो रहे शोषण, अन्याय-अत्याचार व जमीन से बेदखली के खिलाफ कोर्ट-कचहरी में संघर्ष करने वाले लोग हैं। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की जितनी आलोचना की जाए कम है।
मायावती ने कहा कि भीमा कोरेगांव हिंसा में जिन लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर है, उन्हें गिरफ्तार कर न्याय की बहाली की जानी चाहिए थी लेकिन ऐसे लोगों को टारगेट किया जा रहा है जो कमजोरों की आवाज उठाते हैं।
बसपा सुप्रीमो का कहना है कि ऐसा करके केंद्र की भाजपा सरकार अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है लेकिन जनता में सरकार के खिलाफ आक्रोश साफ दिखता है।