बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सांसद उपवास की पवित्रता भंग कर उसका उपहास कर रहे हैं। यह उपवास पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।
मायावती ने एक बयान में कहा कि बैंक घोटालों, दलितों के उत्पीड़न और लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए मोदी सरकार ने संसद का बार-बार स्थगन कराया। अब उपवास के माध्यम से चोरी के ऊपर सीनाजोरी का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की करतूतों के खिलाफ वाराणसी के गंगा तट पर पश्चाताप का उपवास करना चाहिए। तमाम गंभीर धारा में मुकदमे दर्ज होने के बावजूद विधायक को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
मायावती ने कहा, इस जंगलराज के लिए मोदी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच के जरिए विधायक के मामले को दबाने की आंशका जताई है।