बसपा सुप्रीमो ने डॉ. आंबेडकर की पुण्यतिथि पर पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में जनभागीदारी संबंधी मंडलवार रिपोर्ट भी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्यों में सत्ता लिए बिना दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों तथा अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों का भला नहीं हो सकता है। इसके लिए इन लोगों को बसपा के बैनर तले संगठित होकर केंद्र व राज्यों की सत्ता अपने हाथों में लेनी होगी। नागरिकता संशोधन विधेयक पर मायावती के स्टैंड को पार्टी नेताओं ने सराहा।
ये हैं बसपा के सेक्टर वार प्रभारी
लखनऊ-कानपुर : भीमराव अंबेडकर एमएलसी, अशोक कुमार गौतम व चिंतामणि।
देवीपाटन-फैजाबाद : मुनकाद अली प्रदेश अध्यक्ष, दिनेश चंद्रा व जितेंद्र कुमार गौतम।
इलाहाबाद-मिर्जापुर : मुनकाद अली प्रदेश अध्यक्ष, आरएस कुशवाहा, लाल बहादुर रत्नाकर।
आगरा-अलीगढ़ : नौशाद अली पूर्व एमएलसी, राज कुमार गौतम, सूरज सिंह।
चित्रकूट-झांसी : आरएस कुशवाहा राष्ट्रीय महासचिव, लालाराम अहिरवार, भूपेंद्र आर्य।
मुरादाबाद-बरेली : शमशुद्दीन राईन, गिरीश चंद्र जाटव, पूजन प्रसाद।
मेरठ-सहारनपुर : शमशुद्दीन राईन, डॉ. कमल और सतपाल पिपला।
आजमगढ़-वाराणसी : घनश्याम चंद्र खरवार पूर्व सांसद, राम चंद्र गौतम, डॉ. मदन राम, इंदल राम।
गोरखपुर-बस्ती : घनश्याम चंद्र खरवार, सुधीर कुमार भारती, सुरेश कुमार गौतम, डॉ. बलिराम।
मायावती ने महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, महिला असुरक्षा व बदतर कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर केंद्र व यूपी सरकार को मिलकर गंभीरतापूर्वक काम करने की जरूरत है। कोरी बयानबाजी व कागजी दावे बहुत हो चुके। अब जनता इन सब मामलों में केवल ठोस कार्रवाई व बेहतर परिणाम चाहती है।