बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा चुनाव से पहले संगठन के जमीनी ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। अब मंडल को-ऑर्डिनेटरों को जिला प्रभारी और कई-कई मंडलों का काम देख रहे जोनल को-ऑर्डिनेटरों को मंडल स्तरीय जोन का मंडल जोन को-ऑर्डिनेटरों बना दिया है।
विज्ञापन
मायावती ने 350 से ज्यादा को-ऑर्डिनेटरों की फौज 2017 के चुनावी समर के लिए उतारी है। हर को-ऑर्डिनेटरों को तय सीटें जिताने की जिम्मेदारी दी गई है। कमजोर समीकरण वाली सीटों पर एक से अधिक को-ऑर्डिनेटरों लगेंगे।
बसपा अध्यक्ष मायावती ने रविवार को बसपा के मंडल व जोनल को-ऑर्डिनेटरों व प्रदेश के जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। बसपा प्रदेश कार्यालय पर आयोजित इस बैठक में बसपा अध्यक्ष ने संगठन के नए ढांचे की विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन
पहले ही कर लिया था क्षेत्रवार स्थिति का आकलन
उन्होंने संगठन के ढांचे में बदलाव के लिए मंडल व जिलावार अलग-अलग समीक्षा कर विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति का आकलन पहले ही कर लिया था। वह पिछले कई दिनों से इस काम में लगी थीं। मायावती ने कहा कि वह तय रणनीति के हिसाब से काम करेंगी तो बसपा की पांचवीं बार और अपने बलबूते दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता है।
पहले जोनल को-ऑर्डिनेटरों के क्षेत्र में कई-कई मंडल आते थे। अब मंडल स्तरीय जोन होगा। मंडल स्तरीय जोन को-ऑर्डिनेटरों की मुख्य जिम्मेदारी संगठन के बूथ स्तर तक बनाए गए काडर को चुनाव के लिहाज से तैयार करना होगा।
जबकि जिला प्रभारी बनाए गए को-ऑर्डिनेटर विधानसभा प्रत्याशियों को जिताने की रणनीति पर काम करेंगे। बहुत कम को-ऑर्डिनेटरों हैं जिन्हें एक से अधिक मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर, राष्ट्रीय महासचिव नसीमुददीन सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ नेता व को-ऑर्डिनेटर मौजूद रहे।
सारे सेनापतियों को मैदान में उतरने का फरमान
- फोटो : amar ujala
मायावती ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से अपने सभी सेनापतियों को मैदान में उतरने का फरमान सुना दिया है।
भाईचारा संगठन के बैनर तले पार्टी के वरिष्ठ नेता अपनी-अपनी जातियों को बसपा से जोड़ने के लिए निकलेंगे। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र से लेकर सभी प्रमुख नेता शामिल हैं।
बसपा सूत्रों ने बताया कि बसपा के बागी स्वामी प्रसाद मौर्य के स्थान पर वरिष्ठ नेता आरएस कुशवाहा को आगे किया गया है। वह मौर्य, शाक्य, सैनी व कुशवाहा समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभाएंगे। आजमगढ़, फैजाबाद व लखनऊ क्षेत्र में उनका फोकस रहेगा।
इसी तरह ब्राह्मण समाज को जोड़ने के लिए राज्यसभा सदस्य व राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय, वरिष्ठ नेता ओपी त्रिपाठी, सुबोध पाराशर को आगे किया गया है।
इनके लिए भी क्षेत्र तय कर दिए गए हैं। इसी तरह पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह व पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बब्लू क्षत्रिय समाज में आधार बढ़ाएंगे।
कश्यप समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी एमएलसी सुरेश कश्यप को सौंपी गई है। अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ व आगरा उनके केंद्र में रहेगा। वीरेंद्र सिंह चौहान लोनिया समाज को जोड़ेगा।
वाराणसी, आजमगढ़ क्षेत्र इनके फोकस में रहेगा। आरके पटेल बांदा व झांसी क्षेत्र में कुर्मी समाज को जोड़ेंगे। राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ व एमएलसी दिनेश चंद्रा पहले की तरह काम देखते रहेंगे।