लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों के मद्देनजर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी में प्रदेश प्रभारी की व्यवस्था समाप्त कर दी है। उन्होंने प्रदेश को छह जोन में बांटते हुए तीन-तीन मंडल का एक जोन बनाया है। सभी पर दो-दो कोआर्डिनेटर लगाए गए हैं। प्रदेश प्रभारियों को भी हटाकर अब जोन पर लगाया गया है।
गुरुवार को हुई बैठक में मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को इस नई व्यवस्था से अवगत कराया। मायावती ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर सभी मंडल कोआर्डिनेटरों की बैठक ली। पार्टी में पहले विजय प्रताप सिंह, मुनकाद अली एवं राजकुमार गौतम को प्रदेश प्रभारी बनाया गया था।
मायावती ने यह व्यवस्था भंग कर दी और प्रदेश को छह जोन में बांट दिया। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लग जाना है। जिला और विधानसभा कमेटियां बूथ पर जाकर बसपा के ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाएंगी।
जोन कोआर्डिनेटर मॉनीटरिंग के अलावा खुद भी बूथ स्तर तक काम करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में दलित मुस्लिम के साथ यदि सर्व समाज का वोट आया तो बसपा की राह कोई नहीं रोक सकता है। खास तौर से मुस्लिमों को समझाना होगा कि भाजपा को केवल बसपा ही हरा सकती है।
अब यह है व्यवस्था
जोन - मंडल - पदाधिकारी लगाए
जोन एक - मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद - राजकुमार गौतम, नौशाद अली
जोन दो - आगरा, अलीगढ़, बरेली - मुनकाद अली, सूरज सिंह
जोन तीन - कानपुर, झांसी, चित्रकूट - डा. विजय प्रताप, बीपी आंबेडकर
जोन चार -गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन - सुधीर भारती, दिनेश चंद्रा
जोन पांच - अयोध्या, आजमगढ़, वाराणसी - शमशुद्दीन राइन, मदन राम
जोन छह - लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर - घनश्याम चंद खरवार, अखिलेश आंबेडकर साथ में शमशुद्दीन राइन