फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मायावती ने ललकारा: आप अपना नमक खा रहे, भाजपा और आरएसएस का नहीं, कोई अपनी जेब से नहीं खिला रहा

Mon, 13 May 2024 08:19 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Mayawati: मायावती ने लखनऊ और मोहनलालगंज के प्रत्याशियों के समर्थन में सोमवार को रैली की। इस रैली में उन्होंने गरीबों को मिल रहे मुफ्त राशन पर सवाल उठाया। 
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को सरोजनीनगर में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा में भाजपा और आरएसएस पर नमक के बदले वोट मांगने का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन जनता के टैक्स के पैसों से दिया जा रहा है। वह अपनी जेब से आपको राशन नहीं दे रहे हैं। आप अपना नमक खा रहे हैं, भाजपा और आरएसएस का नहीं।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि केंद्र में बसपा की सरकार बनने पर अवध को अलग राज्य बनाया जाएगा, जिसमें लखनऊ भी शामिल होगा। बीते कई सालों से इसकी लगातार मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव फ्री और फेयर हुआ तो इस बार केंद्र में भाजपा की सरकार आसानी से नहीं बनेगी। कोई भी जुमलेबाजी, नाटकबाजी और गारंटी काम नहीं आएगी। भाजपा सरकार पर दस साल से पूंजीपतियों और धन्नासेठों को मालामाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यही इनका संगठन चलाते हैं और चुनाव लड़वाते हैं। इलेक्टोरल बांड से यह साबित भी हो चुका है। बसपा को छोड़कर सभी दलों ने धन्नासेठों से पैसा लिया है। हमारी पार्टी संगठन चलाने और चुनाव लड़ने के लिए केवल कार्यकर्ताओं से थोड़ा पैसा लेती है।

जांच एजेंसियों का दुरुपयोग
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी गलत नीतियों के कारण केंद्र और राज्यों की सत्ता से बाहर होना पड़ा। यही हालत उसके सहयोगी दलों की भी हुई। कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण कर दुरुपयोग किया है। इनको केंद्र की सत्ता में आने से रोकना है। देश में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई बढ़ रही है और भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ये दल साम, दाम, दंड, भेद अपनाकर सत्ता में आना चाहते हैं। आपको ओपिनियन पोल, सर्वे आदि से गुमराह नहीं होना है। किसी के लुभावने घोषणा पत्र के बहकावे में नहीं आना है। बसपा काम करने पर यकीन करती है, इसलिए कोई घोषणा पत्र जारी नहीं करती है। कहा, हमने अपनी सरकार में लखनऊ की पहचान को बदल दिया था। अब लोग यूपी आने पर लखनऊ जाने को बोलते हैं।
विज्ञापन


मुस्लिमों का हो रहा उत्पीड़न
उन्होंने कहा कि केंद्र में बसपा सरकार बनने पर हिंदुत्व की आड़ में मुस्लिमों का द्वेष की भावना से किया जा रहा उत्पीड़न भी रोका जाएगा। कांग्रेस की तरह भाजपा की भी जातिवादी और सांप्रदायिक सोच है। यह दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, मुस्लिमों का विकास और उत्थान नहीं कर सके। सपा सरकार में तो अखिलेश यादव ने पदोन्नति में आरक्षण को ही खत्म कर दिया था। जब बसपा संसद में संशोधन बिल लाई तो सारी पार्टियों ने सपा को आगे करके एक सुर में विरोध किया। अब चुनाव में यही पार्टियां आरक्षण देने की बात कर रही हैं। ये चुनाव में खुद को दलितों का हितैषी बताते हैं, लेकिन सत्ता में आने पर उल्टा काम करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें