लखनऊ में काशीराम महानिर्वाण दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती ने दादरी मामले पर सपा और भाजपा पर करारा हमला किया।दादरी में गोमांस की अफवाह पर हुई हत्या पर मायावती ने कहा कि समाज को बांटने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सब हथकंडों में किन पार्टियों का हाथ है और चुनाव में कौन सी पार्टियां इसका फायदा लेना चाहती हैं। मायावती ने कहा कि यूपी में मात्र सत्ता पाने के लिए बीजेपी और सपा दोनों ही षडयंत्र कर रहे हैं। ये दोनों ही सरकारें दलित और गरीब विरोधी हैं।
मायावती ने कहा कि आदिवासी और पिछड़े बीजेपी के झांसे में न आएं। उन्होंने सपा को आड़े हाथों लेते कहा कि दादरी कांड में मुआवजे पर सपा सरकार ने पक्षपात किया। उन्होंने ये भी कहा कि बीएसपी यादवों के खिलाफ नहीं है,यादव समाज की भी बराबर मदद करती है।
उन्होंने प्रमोशन में आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आरक्षण के मसले पर सपा और भाजपा दोनों का चेहरा सामने आ गया है। सपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जो योजनाएं हमारे कार्यकाल में शुरू की गई थीं उनको इस सरकार ने बदल दिया है। उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार आते ही वो सारी योजनाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी।
मायावती ने पीएम नरेंद्र मोदी पर पर निशाना साधते हुए कहा कि भागवत के आरक्षण वाले बयान पर पीएम चुप क्यों रहे। उन्होंने कहा कि दलित लेखकों और साहित्यकारों ने पुरस्कार लौटाए।
कहा कि पाकिस्तान गायक गुलाम अली को रोकना गलत है। मायावती ने ये भी कहा कि बसपा मुस्लिम कलाकारों का सम्मान करेंगी और गुलाम अली को बुलाकर सम्मान करेंगी।
मायावती ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र में जबसे बीजेपी सरकार आई है, यूपी में सांप्रदायिक ताकतें मजबूत होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद के नाम पर उन्माद फैलाया जा रहा है और बीजेपी और उनके सहयोगी हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।