बसपा सुप्रीमो मायावती ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 63वीं पुण्यतिथि पर जारी किए गए बयान में हनुमान मंदिरों में दलित पुजारियों की मांग को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले जाति के आधार पर लोगों को बांटा और अब देवी-देवताओं को भी बांट रही हैं। मायावती ने यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के संदर्भ में कही जिसमें उन्होंने (योगी ने) भगवान हनुमान को दलित समाज का बताया था।
योगी के हनुमान जी को दलित समाज का बताए जाने के बाद ही दलित समाज द्वारा हनुमान मंदिरों में दलित पुजारी रखने की मांग की जाने लगी।
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब ने भारत के संविधान में 'एक वोट एक मूल्य' की अवधारणा देकर एक समतामूलक समाज की कल्पना की थी लेकिन केंद्र में बैठी भाजपा सरकार इस संविधान को फेल कर देना चाहती है। देश का किसान भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान हैं। यहां तक कि फसल बीमा योजना का असली लाभ गरीब किसानों को नहीं बल्कि कुछ अमीरों को हुआ है।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बसपा के प्रति जनता का उत्साह दिख रहा है।