बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मगहर में संत कबीर अकादमी के शिलान्यास को चुनावी स्वार्थ से प्रेरित कदम करार दिया है और कहा कि भाजपा को कबीर के नाम पर सस्ती और वोट बैंक की राजनीति नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना पूर्वांचल की गरीब व मेहनतकश जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला है जो कि अच्छे दिनों का इंतजार कर रही है।
बसपा सुप्रीमो ने अपने जारी किए गए बयान में कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं भाजपा को कबीर की याद आ रही है। जबकि 24 करोड़ की अकादमी के शिलान्यास के प्रचार प्रसार में लगभग उतनी ही रकम खर्च की गई है जो कि 'काम कम और बातें ज्यादा' का नमूना ही साबित हो रहा है।
मायावती ने कहा कि बसपा सरकार में ही संतकबीरनगर जिला बनाया गया था और पूर्वांचल के संपूर्ण विकास के लिए विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर अलग पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग की गई थी। ये प्रस्ताव अभी भी लंबित पड़ा है। केंद्र को जवाब देना चाहिए कि सरकार ने इस पर अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि कबीर अपनी वाणी और कर्मों से अमर हैं। भाजपा को उनके नाम पर सस्ती राजनीति नहीं करनी चाहिए। जनता स्वार्थ की राजनीति को खूब अच्छे से समझती है और इस बार फिर से धोखा नहीं खाना चाहती। यूपी विधानसभा चुनाव के समय ये कहा गया था कि केंद्र और राज्य दोनों में एक ही पार्टी की सरकार होने से विकास को गति मिलेगी लेकिन हाल ये है कि कानून-व्यवस्था से लेकर जनहित और विकास के हर मामले में हालात और बदतर होते जा रहे हैं।