बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि प्रदेश में अराजकता और जंगलराज के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं।
इसलिए उन्हें पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को डांटने-फटकारने का कोई नैतिक हक नहीं है। उनको आम चुनाव से पहले ईमानदारी से अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
पार्टी में बड़े पैमाने पर अपराधी भरे पड़े हैं। उनको पार्टी से बाहर कर जेलों की सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।
मायावती ने कहा कि कानून-व्यवस्था की समीक्षा के नाम पर बुलाई जाने वालीं पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों में मुख्यमंत्री का संबोधन अखबारों की सुर्खियां तो बन जाता है, लेकिन जनता को कोई राहत नहीं मिलती।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि दलितों के उत्पीड़न, शोषण आदि मामलों में कांग्रेस, भाजपा व सपा सरकारों का रवैया हमेशा ही जातिवादी, दिखावटी व कागजी होता है। यही कारण है कि रोहित वेमुला व ऊना जैसी दर्दनाक घटनाएं होती रहती हैं।